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Tehri News: कैपार्स-बासर गांव में एक साल से बंद है शादी समारोह में शराब
Wed, 06 May 2026 06:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 06 May 2026 06:56 PM IST
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ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाकर लिया सहयोग
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के कैपार्स-बासर गांव में बीते एक वर्ष से शादी-समारोह, मांगलिक और सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। ग्राम पंचायत ने शराब परोसने पर 21 हजार रुपये के अर्थदंड का प्रावधान भी तय किया है जिससे गांव में नशामुक्त वातावरण बना है।
ग्राम प्रधान रतन सिंह रावत ने पदभार संभालते ही गांव में शराबबंदी की मुहिम शुरू की थी। उन्होंने ग्रामीणों से नशामुक्ति का संकल्प दिलाकर इसे लागू करने में सामूहिक सहयोग लिया। इस दौरान नशा मुक्ति संगठनों और पुलिस की मदद से गांव में जागरूकता बैठकें भी आयोजित की गई जिसमें शराब के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई ग्राम प्रधान रतन के अनुसार पंचायत स्तर पर होने वाले शादी-समारोह में वह स्वयं मौके पर पहुंचकर निगरानी करते हैं।
बीते एक वर्ष में गांव में 10 से अधिक शादियां और कई अन्य मांगलिक कार्यक्रम बिना शराब के संपन्न हो चुके हैं। बताया उप प्रधान योगेंद्र सिंह बिष्ट भी इस मुहिम में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने आसपास के गांवों से भी इस पहल को अपनाने की अपील की है।
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के कैपार्स-बासर गांव में बीते एक वर्ष से शादी-समारोह, मांगलिक और सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। ग्राम पंचायत ने शराब परोसने पर 21 हजार रुपये के अर्थदंड का प्रावधान भी तय किया है जिससे गांव में नशामुक्त वातावरण बना है।
ग्राम प्रधान रतन सिंह रावत ने पदभार संभालते ही गांव में शराबबंदी की मुहिम शुरू की थी। उन्होंने ग्रामीणों से नशामुक्ति का संकल्प दिलाकर इसे लागू करने में सामूहिक सहयोग लिया। इस दौरान नशा मुक्ति संगठनों और पुलिस की मदद से गांव में जागरूकता बैठकें भी आयोजित की गई जिसमें शराब के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई ग्राम प्रधान रतन के अनुसार पंचायत स्तर पर होने वाले शादी-समारोह में वह स्वयं मौके पर पहुंचकर निगरानी करते हैं।
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बीते एक वर्ष में गांव में 10 से अधिक शादियां और कई अन्य मांगलिक कार्यक्रम बिना शराब के संपन्न हो चुके हैं। बताया उप प्रधान योगेंद्र सिंह बिष्ट भी इस मुहिम में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने आसपास के गांवों से भी इस पहल को अपनाने की अपील की है।
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