{"_id":"69d11b3e03c6744c0102ced3","slug":"shooters-deployed-to-kill-bear-that-had-become-a-symbol-of-terror-tehri-news-c-50-1-sdrn1018-118212-2026-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: दहशत का पर्याय बने भालू को मारने के लिए शूटर तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: दहशत का पर्याय बने भालू को मारने के लिए शूटर तैनात
Sat, 04 Apr 2026 07:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 04 Apr 2026 07:37 PM IST
विज्ञापन
शाम को बारिश के कारण रोकना पड़ा सर्च अभियान
नई टिहरी। थौलधार ब्लॉक के सुल्याधार क्षेत्र में बनी भालू की दहशत से निजात नहीं मिल पाई है। वन विभाग की ट्रैंकुलाइज टीम, शूटर और वनकर्मी दिनभर भालू की तलाश करते रहे लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। शाम करीब चार बजे तेज बारिश के कारण सर्च अभियान रोकना पड़ा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन और ट्रैप कैमरे से भी उस पर नजर रखी जा रही है।
दो अप्रैल को भालू ने सुल्याधार में क्षेत्र में गश्त के दौरान बेरगणी के प्रधान युद्धवीर सिंह रावत, विनोद रावत और वन दरोगा अजयपाल पंवार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। तीनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसके बाद वन विभाग ने भालू को पकड़ने और उसे नष्ट करने के लिए ट्रैंकुलाइज टीम और प्रसिद्ध शूटर जाॅय हुकिल को भी क्षेत्र में तैनात कर दिया है लेकिन दिनभर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद भी भालू पकड़ से बाहर है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी जन्मेजय रमोला ने बताया कि तीन अप्रैल को भालू को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया। लेकिन घनी झाड़ियां होने के कारण भालू भाग निकला। उसके बाद से वन विभाग की 20 सदस्यीय टीम सुबह से रात 12 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाए हुए है लेकिन वह कहीं नजर नहीं आ रहा है। चार अप्रैल को शाम चार बजे के दौरान तेज बारिश के कारण अभियान रोकना पड़ा।
विज्ञापन
डीएफओ पुनीत तोमर ने कहा कि दहशत का पर्याय बने भालू को ट्रैंकुलाइज करने के साथ ही उसे नष्ट करने के लिए टीम लगातार गश्त कर रही है। तीन अप्रैल को वह झाड़ियों के बीच दिखा टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज करने का का प्रयास किया।
विज्ञापन
नई टिहरी। थौलधार ब्लॉक के सुल्याधार क्षेत्र में बनी भालू की दहशत से निजात नहीं मिल पाई है। वन विभाग की ट्रैंकुलाइज टीम, शूटर और वनकर्मी दिनभर भालू की तलाश करते रहे लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। शाम करीब चार बजे तेज बारिश के कारण सर्च अभियान रोकना पड़ा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन और ट्रैप कैमरे से भी उस पर नजर रखी जा रही है।
दो अप्रैल को भालू ने सुल्याधार में क्षेत्र में गश्त के दौरान बेरगणी के प्रधान युद्धवीर सिंह रावत, विनोद रावत और वन दरोगा अजयपाल पंवार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। तीनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसके बाद वन विभाग ने भालू को पकड़ने और उसे नष्ट करने के लिए ट्रैंकुलाइज टीम और प्रसिद्ध शूटर जाॅय हुकिल को भी क्षेत्र में तैनात कर दिया है लेकिन दिनभर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद भी भालू पकड़ से बाहर है।
विज्ञापन
उप प्रभागीय वनाधिकारी जन्मेजय रमोला ने बताया कि तीन अप्रैल को भालू को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया। लेकिन घनी झाड़ियां होने के कारण भालू भाग निकला। उसके बाद से वन विभाग की 20 सदस्यीय टीम सुबह से रात 12 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाए हुए है लेकिन वह कहीं नजर नहीं आ रहा है। चार अप्रैल को शाम चार बजे के दौरान तेज बारिश के कारण अभियान रोकना पड़ा।
विज्ञापन
डीएफओ पुनीत तोमर ने कहा कि दहशत का पर्याय बने भालू को ट्रैंकुलाइज करने के साथ ही उसे नष्ट करने के लिए टीम लगातार गश्त कर रही है। तीन अप्रैल को वह झाड़ियों के बीच दिखा टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज करने का का प्रयास किया।