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Tehri News: पंवाली कांठा-घुत्तु को बनाया जाए नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन
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स्थानीय निवासियों ने डीएम को दिया ज्ञापन
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के पंवाली कांठा-घुत्तु भिलंग को नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की मांग फिर से जोर पड़कने लगी है। स्थानीय लोगों ने डीएम को ज्ञापन देकर पौराणिक पैदल मार्ग गंगी-खतलिंग-केदारनाथ को विकसित करने, पंवाली कांठा को स्नो स्कीइंग के रूप में पहचान दिलाने की मांग की।
घुत्तु निवासी आर्किटेक्ट आरपी उनियाल ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि खतलिंग घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पंवाली कांठा के सुंदर बुग्याल, घुत्तु-पंवाली कांठा-त्रियुगीनारायण, घुत्तु-गंगी कल्याणी-खतलिंग-केदारनाथ, घुत्तु-गंगी-कल्याणी-सहस्त्रताल पैदल ट्रैकिंग रूट से लेकर खतलिंग ग्लेशियर, सरोवर ताल आदि प्रमुख स्थल है, जिसको देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं।
यहां नवंबर से अप्रैल तक बर्फ रहती है। साथ ही पंवाली क्षेत्र में कई तरह की सुगंधित फूल भी खिलते हैं, लेकिन क्षेत्र में संसाधनों का अभाव और प्रचार-प्रसार की कमी के चलते बाहरी राज्यों के पर्यटक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने गंगी-कल्याणी-सहस्त्रताल, गंगी-कल्याणी-खतलिंग-केदारनाथ, घुत्तु-पंवाली कांठा को पर्यटन के रूप में विकसित करने और ग्लेशियर में औली की भांति स्नो स्कीइंग कराने की मांग की।
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नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के पंवाली कांठा-घुत्तु भिलंग को नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की मांग फिर से जोर पड़कने लगी है। स्थानीय लोगों ने डीएम को ज्ञापन देकर पौराणिक पैदल मार्ग गंगी-खतलिंग-केदारनाथ को विकसित करने, पंवाली कांठा को स्नो स्कीइंग के रूप में पहचान दिलाने की मांग की।
घुत्तु निवासी आर्किटेक्ट आरपी उनियाल ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि खतलिंग घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पंवाली कांठा के सुंदर बुग्याल, घुत्तु-पंवाली कांठा-त्रियुगीनारायण, घुत्तु-गंगी कल्याणी-खतलिंग-केदारनाथ, घुत्तु-गंगी-कल्याणी-सहस्त्रताल पैदल ट्रैकिंग रूट से लेकर खतलिंग ग्लेशियर, सरोवर ताल आदि प्रमुख स्थल है, जिसको देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं।
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यहां नवंबर से अप्रैल तक बर्फ रहती है। साथ ही पंवाली क्षेत्र में कई तरह की सुगंधित फूल भी खिलते हैं, लेकिन क्षेत्र में संसाधनों का अभाव और प्रचार-प्रसार की कमी के चलते बाहरी राज्यों के पर्यटक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने गंगी-कल्याणी-सहस्त्रताल, गंगी-कल्याणी-खतलिंग-केदारनाथ, घुत्तु-पंवाली कांठा को पर्यटन के रूप में विकसित करने और ग्लेशियर में औली की भांति स्नो स्कीइंग कराने की मांग की।
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