फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   NDRF told the students the tricks of survival during disaster

Tehri News: एनडीआरएफ ने छात्राओं को बताए आपदा के दौरान बचाव के गुर

Sat, 28 Sep 2024 06:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Sat, 28 Sep 2024 06:10 PM IST
विज्ञापन
NDRF told the students the tricks of survival during disaster
थत्यूड़ (टिहरी)। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में प्रतिभा दिवस पर एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) ने विद्यालय के स्काउट गाइड दल के साथ छात्राओं को आपदा के दौरान बचाव की जानकारी दी। एनडीआरएफ टीम के लीडर राम पंकज ने कहा कि आपदा में फंसे लोगों को बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
विज्ञापन


राजकीय कन्या इंटर कॉलेज थत्यूड़ में आयोजित आपदा बचाव कार्यक्रम का प्रधानाचार्य उषा मेेहरा ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों के आए दिन आपदा की घटनाएं होती है। इस दौरान सतर्क रहकर जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। एनडीआएफ के राम पंकज ने छात्र-छात्राओं को आपदा का अर्थ बताने के साथ विभिन्न प्रकारों की आपदाओं की जानकारी दी। कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाली आपदाओं में भूकंप, भूस्खलन, वनाग्नि, वाहन दुर्घटना, बिजली गिरना शामिल है।
विज्ञापन

आपदा के दौरान सूझबूझ से काम लिया जाना बहुत जरूरी है। रेस्क्यू टीम के मौके पर पहुंचने तक आपदा में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। बिना जोखिम के उनकी मद्द की कोशिश करें। साथ ही तत्काल निकटवर्ती पुलिस थाना, चौकी, आपदा प्रबंधन कार्यालय आदि को सूचना दे। एनडीआरएफ की टीम ने छात्र-छात्राओं को अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग करने की जानकारी दी। उन्होंने आपदा के दौरान बचाव में आने वाले विभिन्न उपाय के बारे में बताया। इस मौके पर मनोज सिंह, बसंत राम जयपाल, प्रवीन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में तनाव प्रबंधन पर आयोजित कार्यशाला में महाविद्यालय की डॉ़ संगीता खड़वाल ने छात्र-छात्राओं को तनाव मुक्त रहने के टिप्स बताने के साथ तनाव कम करने के उपाया भी बताए। मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ़ नीलम प्रहरी ने कहा कि तनाव किसी समस्या का हल नहीं है। योगासन, अधिक व्यस्तता और काम के बोझ को कम कर तनाव से मुक्त रहा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि तनाव के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। कोशिश करें कि जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो रही है उसका समाधान करने की कोशिश करें। इस मौके पर प्राचार्य डॉ़ पंकज पांडे, डॉ़ राजेश, डॉ़ संदीप कश्यप, डॉ़ अखिल गुप्ता, डॉ़ शीला बिष्ट, महावीर प्रसाद, सुभाष आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed