पंचायती राज और नियोजन विभाग की ओर से जिला पंचायत विकास योजना (डीपीडीपी) को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों और रेखीय विभाग के अधिकारियों को डीपीडीपी बनाने की जानकारी दी गई। कहा कि प्रदेशभर के पर्वतीय जिलों में टिहरी का चयन डीपीडीपी के लिए हुआ है। ऐसे में जिले के विकास का बेहतर प्लान तैयार किया जाए।
कार्यशाला का जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और रेखीय विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर जिले का बेहतर प्लान तैयार करें। सीडीओ नमामी बंसल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी होने से अच्छा प्लान तैयार हो सकेगा। नियोजन विभाग के अपर मुख्य कार्यक्रम अधिकारी डा. मनोज कुमार पंत ने कहा कि प्लान में उन योजनाओं को पहली प्राथमिकता में लिया जाए, जो जिला योजना से लेकर अन्य मदद में प्रस्तावित की गई है। उन्होंने अंत्योदय, स्वच्छता, गरीबी उन्मूलन, सीमित संसाधनों का उपयोग करने की जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर करुणाकरण सिंह ने सतत विकास में शामिल 17 लक्ष्य, 169 उप लक्ष्यों की जानकारी देते हुए कहा कि डीपीडीपी में बजट, संसाधन के अलावा रेखीया विभागों की योजनाओं को प्लान में लिया जाए। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोला सिंह परमार, ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी, शिवानी बिष्ट, डीडीओ सुनील कुमार, पीडी डीआरडीए आनंद सिंह, एएमए संजय खंडूरी, बलवंत रावत, विनोद बिष्ट, जयवीर रावत, रघुवीर सजवाण, विमला खंणका, प्रमिला उनियाल, नीलम बिष्ट, कृष्णा भट्ट, हितेश चौहान, विनोद लाल, धनपाल नेगी, चंद्रशेखर पैन्यूली, हर्षमणी सेमवाल, बबीता देवी आदि मौजूद थे।