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Tehri News: बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ी
Tue, 18 Feb 2025 04:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 18 Feb 2025 04:49 PM IST
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किसान बोले, फसलों को भरपूर पानी नहीं मिलने से उत्पादन पर पड़ेगा संकट
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में इस साल बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जुवा, उदयपुर और गुसाईं पट्टी के ग्रामीण काश्तकारों के बाग-बगीचे सूखे पड़े हैं। सेब, नाशपाती, खुमानी, आड़ू और पुलम जैसी नकदी फसलों की पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार न तो बर्फबारी हुई और न ही बारिश, जिससे खेतों में नमी खत्म हो गई है। काश्तकार मोहनलाल उनियाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नैन सिंह गुसाईं, रामचंद्र भट्ट का कहना है कि बारिश नहीं होने से ऊपरी इलाकों में पेड़ों में फूल भी नहीं आ रहे हैं। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। गंगा घाटी के काश्तकारों पर भी बारिश नहीं होने का असर दिख रहा है।
गेहूं की बुवाई के समय से ही खेतों को पानी नहीं मिला, जिससे फसल कमजोर पड़ गई है। उत्पादन भी प्रभावित होगा। जय प्रकाश नौटियाल, सोबत सिंह नेगी, सुमित्रा देवी का कहना है कि बारिश समय पर न होने के कारण काश्तकार अब कृषि से मुंह मोड़ रहे हैं। कई खेत बंजर पड़े हैं। थौलधार ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है, जिससे खेतों को पानी मिल सके। गंगा घाटी में जो उपजाऊ भूमि थी वह पहले ही टिहरी बांध डूब क्षेत्र में चली गई है, जो जमीन बची है वह सिंचाई के अभाव में धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है।
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में इस साल बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जुवा, उदयपुर और गुसाईं पट्टी के ग्रामीण काश्तकारों के बाग-बगीचे सूखे पड़े हैं। सेब, नाशपाती, खुमानी, आड़ू और पुलम जैसी नकदी फसलों की पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार न तो बर्फबारी हुई और न ही बारिश, जिससे खेतों में नमी खत्म हो गई है। काश्तकार मोहनलाल उनियाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नैन सिंह गुसाईं, रामचंद्र भट्ट का कहना है कि बारिश नहीं होने से ऊपरी इलाकों में पेड़ों में फूल भी नहीं आ रहे हैं। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। गंगा घाटी के काश्तकारों पर भी बारिश नहीं होने का असर दिख रहा है।
गेहूं की बुवाई के समय से ही खेतों को पानी नहीं मिला, जिससे फसल कमजोर पड़ गई है। उत्पादन भी प्रभावित होगा। जय प्रकाश नौटियाल, सोबत सिंह नेगी, सुमित्रा देवी का कहना है कि बारिश समय पर न होने के कारण काश्तकार अब कृषि से मुंह मोड़ रहे हैं। कई खेत बंजर पड़े हैं। थौलधार ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है, जिससे खेतों को पानी मिल सके। गंगा घाटी में जो उपजाऊ भूमि थी वह पहले ही टिहरी बांध डूब क्षेत्र में चली गई है, जो जमीन बची है वह सिंचाई के अभाव में धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है।
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