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Tehri News: क्षतिग्रस्त नहरों के कारण बंजर होने के कगार पर उपजाऊ भूमि
Thu, 26 Mar 2026 05:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 26 Mar 2026 05:55 PM IST
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काश्तकारों में सिंचाई विभाग के प्रति कड़ा आक्रोश
नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक में नैनबाग तहसील क्षेत्र के कई गांवों में सिंचाई व्यवस्था चौपट होने लगी है। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत नहीं होने के कारण उपजाऊ खेती बंजर होने के कगार पर है जिससे काश्तकारों में सिंचाई विभाग के प्रति कड़ा रोष है। परेशान काश्तकारों ने नहरों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
नैनबाग क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाव, जयद्वार, खैराड़, खरसोन, टटोर और सुमन क्यारी आदि गांवों की नहरें चार-पांच साल से बदहाल स्थिति में है जिससे सिंचाई के लिए पूरा पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। काश्तकारों का कहना है कि नहरों की मरम्मत करने के लिए सिंचाई विभाग से पत्राचार करते आ रहे हैं लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
इससे क्षेत्र के पांच-छह गांवों में सिंचाई व्यवस्था ठप होने के कगार पर है। जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख सरदार सिंह कंडारी, शरण सिंह पंवार, गंभीर सिंह रावत, दिनेश कवि, देशपाल पंवार, मयंक बिजल्वाण और रमेश सेमवाल ने बताया कि नहरें क्षतिग्रस्त होने से खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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इससे लोग खेती छोड़ने को मजबूर हैं। काश्तकार किसी तरह से व्यवस्था बनाने का प्रयास करते आ रहे हैं लेकिन उससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग की यही लापरवाही रही तो सैकड़ों नाली जमीन बंजर हो जाएगी। काश्तकारों ने समस्या को समझते हुए सभी क्षतिग्रस्त नहरों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
जौनपुर ब्लॉक में क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
- बृजेश गुप्ता, ईई लघु सिंचाई विभाग नई टिहरी।
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नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक में नैनबाग तहसील क्षेत्र के कई गांवों में सिंचाई व्यवस्था चौपट होने लगी है। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत नहीं होने के कारण उपजाऊ खेती बंजर होने के कगार पर है जिससे काश्तकारों में सिंचाई विभाग के प्रति कड़ा रोष है। परेशान काश्तकारों ने नहरों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
नैनबाग क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाव, जयद्वार, खैराड़, खरसोन, टटोर और सुमन क्यारी आदि गांवों की नहरें चार-पांच साल से बदहाल स्थिति में है जिससे सिंचाई के लिए पूरा पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। काश्तकारों का कहना है कि नहरों की मरम्मत करने के लिए सिंचाई विभाग से पत्राचार करते आ रहे हैं लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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इससे क्षेत्र के पांच-छह गांवों में सिंचाई व्यवस्था ठप होने के कगार पर है। जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख सरदार सिंह कंडारी, शरण सिंह पंवार, गंभीर सिंह रावत, दिनेश कवि, देशपाल पंवार, मयंक बिजल्वाण और रमेश सेमवाल ने बताया कि नहरें क्षतिग्रस्त होने से खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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इससे लोग खेती छोड़ने को मजबूर हैं। काश्तकार किसी तरह से व्यवस्था बनाने का प्रयास करते आ रहे हैं लेकिन उससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग की यही लापरवाही रही तो सैकड़ों नाली जमीन बंजर हो जाएगी। काश्तकारों ने समस्या को समझते हुए सभी क्षतिग्रस्त नहरों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
जौनपुर ब्लॉक में क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
- बृजेश गुप्ता, ईई लघु सिंचाई विभाग नई टिहरी।