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छत से गिरने से सेना के जवान की मौत
घनसाली (टिहरी)
Updated Mon, 21 Dec 2015 09:56 PM IST
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गोरखपुर के नारायणगंज एसएसबी कैंप में तैनात ग्राम चामी के जवान नारायण सिंह (38) पुत्र विजय सिंह की कैंप के छत से गिरने से मौत हो गई। जवान वर्ष 2001 में एसएसबी में भर्ती हुआ था। वह अपने पीछे बूढ़े मां-बाप, पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया है।
सोमवार को उनके पैत्रिक घाट पर पहुंचकर लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। भिलंगना ब्लॉक में नैलचामी पट्टी के ग्राम चामी में जवान की मौत की खबर मिलने से मां कुंता देवी और पिता विजय सिंह सदमे हैं। वहीं पत्नी रमा देवी और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि नारायणगंज कैंप में तैनात नारायण सिंह 19 दिसंबर की रात करीब आठ बजे अपने साथियों के साथ खाना खाने के बाद कैंप में जा रहे थे। इस दौरान छत में उनका पैर फिसलने से वे घायल हो गए। साथी उन्हें सेना अस्पताल ले गए, लेकिन सिर पर गंभीर चोट होने के कारण उनकी मौत हो गई। दो भाइयों में छोटे नारायण वर्ष 2001 में चंबा में एसएसबी में भर्ती हुए थे। सेना के जवान सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को लेकर उनके गांव चामी पहुंचे। अंतिम दर्शन के बाद जवान को उनके पैत्रिक घाट नैलचामी गाड के संगम पर अंतिम विदाई दी गई। अंत्येष्टि में स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई गई।
रो-रोकर ताबूत से लिपटे बच्चे
घनसाली (टिहरी)। जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा, तो उनके दो मासूम अंकित और अंकिता ताबूत से लिपट कर अपने पापा को पुकारते रहे। मां और पत्नी भी ताबूत से लिपट गई। बच्चों और पत्नी को रोते देख वहां खड़े लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। जवान के बच्चे केंद्रीय विद्यालय श्रीनगर में पढ़ रहे हैं।
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सोमवार को उनके पैत्रिक घाट पर पहुंचकर लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। भिलंगना ब्लॉक में नैलचामी पट्टी के ग्राम चामी में जवान की मौत की खबर मिलने से मां कुंता देवी और पिता विजय सिंह सदमे हैं। वहीं पत्नी रमा देवी और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि नारायणगंज कैंप में तैनात नारायण सिंह 19 दिसंबर की रात करीब आठ बजे अपने साथियों के साथ खाना खाने के बाद कैंप में जा रहे थे। इस दौरान छत में उनका पैर फिसलने से वे घायल हो गए। साथी उन्हें सेना अस्पताल ले गए, लेकिन सिर पर गंभीर चोट होने के कारण उनकी मौत हो गई। दो भाइयों में छोटे नारायण वर्ष 2001 में चंबा में एसएसबी में भर्ती हुए थे। सेना के जवान सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को लेकर उनके गांव चामी पहुंचे। अंतिम दर्शन के बाद जवान को उनके पैत्रिक घाट नैलचामी गाड के संगम पर अंतिम विदाई दी गई। अंत्येष्टि में स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई गई।
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रो-रोकर ताबूत से लिपटे बच्चे
घनसाली (टिहरी)। जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा, तो उनके दो मासूम अंकित और अंकिता ताबूत से लिपट कर अपने पापा को पुकारते रहे। मां और पत्नी भी ताबूत से लिपट गई। बच्चों और पत्नी को रोते देख वहां खड़े लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। जवान के बच्चे केंद्रीय विद्यालय श्रीनगर में पढ़ रहे हैं।
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