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सड़क के गड्ढों पर रोपाई कर जताया गुस्सा
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लंबे समय से बदहाल बनी छतियारा-खवाड़ा मोटर मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूटा पड़ा। सड़क का डामरीकरण न होने से नाराज लोगों ने सड़क मार्ग पर बने गड्ढों पर धान की रोपाई की। उन्होंने कहा कि बारिश में गड्ढे मुसीबत बने हुए हैं। गड्ढों में फंसकर वाहनों के टायर पंचर हो रहे हैं। कार्यदायी संस्था लोनिवि के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उक्रांद के घनसाली विधानसभा अध्यक्ष कमल दास के नेतृत्व में शनिवार को स्थानीय लोग छतियारा में एकत्रित हुए। वहां उन्होंने छतियारा-खवाड़ा मोटर मार्ग की बदहाली के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि 20 किमी सड़क की स्थिति बदहाल बनी हुई है। पूरे सड़क मार्ग पर हर दो कदम पर गड्ढे बने हुए हैं। लोनिवि से कई बार डामरीकरण की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। महिलाओं ने सड़क के गड्ढों पर धान रोपकर अपने गुस्से का इजहार किया। कमल दास ने कहा कि यदि जल्द सड़क का डामरीकरण नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करेगी। धान की रोपाई करने वालों में उम्मेद सिंह, सुंदर लाल, गोपाल सिंह पंवार, गौरा देवी, उज्जवला देवी, आशा देवी व मंजू देवी आदि शामिल रही।
इस बाबत लोनिवि के ईई दिनेश चंद्र नौटियाल ने बताया कि छतियारा-खवाड़ा सड़क का निर्माण एशियन डेवलपमेंट बैंक ने किया था, जो 2017 में लोनिवि को हस्तांतरण हुई है। वास्तव में छतियारा-खवाड़ा सड़क की स्थिति बहुत खराब है। कुछ दिन पहले ही आईआईटी रुड़की से सड़क का दोबारा से डिजायन तैयार किया गया। सड़क मरम्मत के लिए पांच करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो कुछ दिनों बाद शासन को भेजा जाएगा।
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उक्रांद के घनसाली विधानसभा अध्यक्ष कमल दास के नेतृत्व में शनिवार को स्थानीय लोग छतियारा में एकत्रित हुए। वहां उन्होंने छतियारा-खवाड़ा मोटर मार्ग की बदहाली के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि 20 किमी सड़क की स्थिति बदहाल बनी हुई है। पूरे सड़क मार्ग पर हर दो कदम पर गड्ढे बने हुए हैं। लोनिवि से कई बार डामरीकरण की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। महिलाओं ने सड़क के गड्ढों पर धान रोपकर अपने गुस्से का इजहार किया। कमल दास ने कहा कि यदि जल्द सड़क का डामरीकरण नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करेगी। धान की रोपाई करने वालों में उम्मेद सिंह, सुंदर लाल, गोपाल सिंह पंवार, गौरा देवी, उज्जवला देवी, आशा देवी व मंजू देवी आदि शामिल रही।
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इस बाबत लोनिवि के ईई दिनेश चंद्र नौटियाल ने बताया कि छतियारा-खवाड़ा सड़क का निर्माण एशियन डेवलपमेंट बैंक ने किया था, जो 2017 में लोनिवि को हस्तांतरण हुई है। वास्तव में छतियारा-खवाड़ा सड़क की स्थिति बहुत खराब है। कुछ दिन पहले ही आईआईटी रुड़की से सड़क का दोबारा से डिजायन तैयार किया गया। सड़क मरम्मत के लिए पांच करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो कुछ दिनों बाद शासन को भेजा जाएगा।
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