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चेतावनी के बाद भी काम पर नहीं लौटे कर्मचारी
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प्रतीकात्मक
श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन के सामने उपनल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार समाप्त करवाना चुनौती बन गया है। विवि की ओर से हड़ताली कर्मियों को 27 सितंबर तक कार्य पर लौटने के नोटिस के बावजूद कर्मचारियों ने 11वें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखकर विवि की चिंताएं बढ़ा दी है।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। श्रीदेव सुमन विवि के दैनिक वेतनभोगी और उपनल कर्मचारी आठ पदों पर जारी विज्ञप्ति को निरस्त कर समायोजन की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इस कारण विवि का कामकाज ठप पड़ा हुआ है। 25 सितंबर को विवि पहुंचे कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटी ने कर्मचारियों को 27 सितंबर तक बिना किसी शर्त के काम पर नहीं लौटने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन 27 सितंबर को कोई भी कर्मचारी वापस नहीं लौटा।
कर्मियों का आरोप है, कि विवि प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाकर आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रहा है। विवि के कुलपति और कुलसचिव कर्मचारियों को समायोजन के लिए झूठे आश्वासन दे रहे हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा। कार्य बहिष्कार करने वालों में पंचवीर नेगी, धर्म सिंह रावत, जितेंद्र रावत, ईशान रावत, मुकेश पैन्यूली, हरेंद्र, मनीष आदि शामिल थे।
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आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। श्रीदेव सुमन विवि के दैनिक वेतनभोगी और उपनल कर्मचारी आठ पदों पर जारी विज्ञप्ति को निरस्त कर समायोजन की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इस कारण विवि का कामकाज ठप पड़ा हुआ है। 25 सितंबर को विवि पहुंचे कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटी ने कर्मचारियों को 27 सितंबर तक बिना किसी शर्त के काम पर नहीं लौटने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन 27 सितंबर को कोई भी कर्मचारी वापस नहीं लौटा।
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कर्मियों का आरोप है, कि विवि प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाकर आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रहा है। विवि के कुलपति और कुलसचिव कर्मचारियों को समायोजन के लिए झूठे आश्वासन दे रहे हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा। कार्य बहिष्कार करने वालों में पंचवीर नेगी, धर्म सिंह रावत, जितेंद्र रावत, ईशान रावत, मुकेश पैन्यूली, हरेंद्र, मनीष आदि शामिल थे।
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