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कोटी तल्ली गांव के लिए नहीं बनी पेयजल योजना
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चंबा (टिहरी)। देवरी गांव में कोटी तल्ली के ग्रामीण पानी को तरस रहे हैं। गांव के पेयजल योजना से नहीं जुड़ पाने के कारण लोग मजबूरन कुएं के पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में कुएं का पानी दूषित होने से उन्हें हेंवल नदी से पानी ढोना पड़ रहा है।
देवरी ग्राम पंचायत में कोटी तल्ली के लिए आज तक कोई पेयजल योजना नहीं बन पाई है, जिससे गांव के 25 परिवारों को कुएं से ही पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। बारिश के मौसम में कुएं का पानी दूषित होने से ग्रामीणों को दो-तीन किमी दूर हेंवल नदी से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव के अनिल सकलानी, सरोजनी देवी, दिनेश सकलानी और हरीश सकलानी ने बताया कि उन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल निगम से योजना का प्रस्ताव तैयार करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उन्हें पानी के भारी संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुएं से दिनभर पानी ढोना ग्रामीणों की नियति बन गई है। बारिश होने पर कुएं में बरसाती पानी भर जाता है, जिससे लोगों को नदी के पानी से काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए गांव के लिए पेयजल योजना बनाने की मांग की है। ईई जल निगम चंबा आलोक कुमार का कहना है कि गांव से प्रस्ताव आया होगा तो उसका इस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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देवरी ग्राम पंचायत में कोटी तल्ली के लिए आज तक कोई पेयजल योजना नहीं बन पाई है, जिससे गांव के 25 परिवारों को कुएं से ही पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। बारिश के मौसम में कुएं का पानी दूषित होने से ग्रामीणों को दो-तीन किमी दूर हेंवल नदी से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव के अनिल सकलानी, सरोजनी देवी, दिनेश सकलानी और हरीश सकलानी ने बताया कि उन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल निगम से योजना का प्रस्ताव तैयार करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उन्हें पानी के भारी संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुएं से दिनभर पानी ढोना ग्रामीणों की नियति बन गई है। बारिश होने पर कुएं में बरसाती पानी भर जाता है, जिससे लोगों को नदी के पानी से काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए गांव के लिए पेयजल योजना बनाने की मांग की है। ईई जल निगम चंबा आलोक कुमार का कहना है कि गांव से प्रस्ताव आया होगा तो उसका इस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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