{"_id":"5cb9fc13bdec22140966f98f","slug":"155569263319-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कठोर कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कठोर कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई टिहरी। घनसाली थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को भगाकर दुष्कर्म के दोषी युवक को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत ने दस साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी 17 मार्च 2017 को बिना बताए अपने घर से गायब हो गई थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं लग पाया। 19 मार्च को नाबालिग के पिता ने घनसाली थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि गांव का ही युवक उनकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले गया है। देहरादून पुलिस के किशोरी और युवक को पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस ने उन्हें घनसाली लाई। यहां नाबालिग के मेडिकल में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने 11 गवाह और कई कागजी दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी 17 मार्च 2017 को बिना बताए अपने घर से गायब हो गई थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं लग पाया। 19 मार्च को नाबालिग के पिता ने घनसाली थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि गांव का ही युवक उनकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले गया है। देहरादून पुलिस के किशोरी और युवक को पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस ने उन्हें घनसाली लाई। यहां नाबालिग के मेडिकल में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने 11 गवाह और कई कागजी दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन