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सड़क पर डामर डालते ही लगा उखड़ने
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प्रतापनगर ब्लॉक के बागी-गोलाणी-सिलारी मोटर मार्ग पर किया जा रहा डामरीकरण डालते ही उखड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए पीएमजीएसवाई से डामरीकरण की गुणवत्ता में सुधार लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की भी मरम्मत नहीं हुई है। इससे गांव में पेयजल संकट बना हुआ है।
पीएमजीएसवाई, प्रतापनगर के बागी-गोलाणी-सिलारी मोटर मार्ग का डामरीकरण करवा रहा है लेकिन घटिया गुणवत्ता के कारण मार्ग के आधा दर्जन स्थानों पर डामर डालते ही उखड़ने लगा है। आठ करोड़ की लागत से पांच किमी मोटर मार्ग का वर्षों बाद डामरीकरण और सुधारीकरण हो रहा है। बावजूद इसके मानकों के अनुरूप डामरीकरण नहीं किया जा रहा है। इसपर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है।
ग्रामीण सब्बल सिंह, तेजपाल, दीपक, अमर जीत का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनाई जा रही सड़क की गुणवत्ता ठीक न होने के कारण चंद दिनों में ही खराब होने लगी है। साथ ही गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन, गूल और संपर्क मार्ग भी सड़क निर्माण के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं लेकिन विभाग ने परिसंपत्तियों की मरम्मत नहीं करवाई है। साथ ही कई ग्रामीणों को मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने डामरीकरण की गुणवत्ता में सुधार लगाने और संपत्तियों की मरम्मत करने की मांग की। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता रोहित श्रीवास्तव का कहना है कि केंद्र सरकार के मानक के अनुसार गुणवत्ता के साथ डामरीकरण किया जा रहा है। कहीं कोई दिक्कत आ रही है, तो इसे दूर किया जाएगा।
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पीएमजीएसवाई, प्रतापनगर के बागी-गोलाणी-सिलारी मोटर मार्ग का डामरीकरण करवा रहा है लेकिन घटिया गुणवत्ता के कारण मार्ग के आधा दर्जन स्थानों पर डामर डालते ही उखड़ने लगा है। आठ करोड़ की लागत से पांच किमी मोटर मार्ग का वर्षों बाद डामरीकरण और सुधारीकरण हो रहा है। बावजूद इसके मानकों के अनुरूप डामरीकरण नहीं किया जा रहा है। इसपर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है।
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ग्रामीण सब्बल सिंह, तेजपाल, दीपक, अमर जीत का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनाई जा रही सड़क की गुणवत्ता ठीक न होने के कारण चंद दिनों में ही खराब होने लगी है। साथ ही गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन, गूल और संपर्क मार्ग भी सड़क निर्माण के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं लेकिन विभाग ने परिसंपत्तियों की मरम्मत नहीं करवाई है। साथ ही कई ग्रामीणों को मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने डामरीकरण की गुणवत्ता में सुधार लगाने और संपत्तियों की मरम्मत करने की मांग की। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता रोहित श्रीवास्तव का कहना है कि केंद्र सरकार के मानक के अनुसार गुणवत्ता के साथ डामरीकरण किया जा रहा है। कहीं कोई दिक्कत आ रही है, तो इसे दूर किया जाएगा।
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