फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   A wave of happiness in the boxer's village Palam on winning the gold medal

स्वर्ण पदक जीतने पर बॉक्सर के गांव पलाम में खुशी की लहर

Tue, 31 Aug 2021 09:38 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 09:38 PM IST
विज्ञापन
A wave of happiness in the boxer's village Palam on winning the gold medal
एशर1याई जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण विजेता रोहित चमोली अपने गांव पलाम में परिजनों के ? - फोटो : NEW TEHRI
जो सफर की तैयारी करते हैं, वही मंजिल को पार करते हैं। बस एक बार चलने का हौसला तो रखिए, ऐसे मुसाफिरों का रास्ते भी इंतजार करते हैं... इस लाइन को चरितार्थ कर दिखाया है टिहरी के रोहित चमोली ने। जिसने बुलंद हौसले और कड़ी मेहनत से एशियाई जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर टिहरी और देश का नाम रोशन किया है। रोहित की जीत की खबर से उनके गांव पलाम में खुशी का माहौल है। 16 वर्षीय रोहित ने कड़े मुकाबले में मंगोलिया के ओटगोनबयार तुवशिंजया को 3-2 से हराया।
विज्ञापन

दुबई में आयोजित एशियाई जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में टिहरी के रोहित चमोली ने स्वर्ण पदक जीता है। रोहित के पिता जयप्रकाश चमोली टिहरी जिले के पलाम गांव के रहने वाले हैं। वह कई वर्षों पहले चंडीगढ़ एक होटल में नौकरी करने गए थे, तभी परिवार को भी साथ ले गए। रोहित की एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। एक मध्यम परिवार से ताल्लुक रखने वाले रोहित की सफलता देखकर आज परिवार और पूरा क्षेत्र उस पर गर्व कर रहा है। रोहित ने हाईस्कूल की परीक्षा चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल से पास की है।
विज्ञापन

रोहित के दादा चंद्रमणि चमोली (80) और दादी सत्तू देवी (73) पलाम गांव में रहते हैं। वह गांव में खेतीबाड़ी और पशुपालन करते हैं। रोहित की जीत की खबर मिलते ही दादा-दादी का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जयप्रकाश चमोली ने बताया कि उनके बेटे रोहित ने अपनी जीत का श्रेय परिवार और कोच को दिया है। रोहित ने परिवारीजनों को फोन पर बताया कि देश के सारे लोगों की दुआओं और प्यार ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। वह स्वदेश लौटने के बाद जल्द ही अपने गांव आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेडल लाने का किया था वादा
रोहित के पिता जयप्रकाश ने बताया कि एशियाई चैंपियनशिप में जाने से पहले रोहित ने उन्हें मेडल लाने का वादा किया था। कहा कि जूनियर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर रोहित ने टिहरी के साथ ही पूरे देश का मान बढ़ाया है।

पार्क में सीखे बॉक्सिंग के गुर
रोहित जब पांचवीं कक्षा में था, तो उसके ताऊ की लड़की मीनाक्षी पार्क में बॉक्सिंग सीखती थी। उसे देखकर रोहित ने भी सपना देख लिया कि उसे भी बॉक्सर बनना है। तो रोहित ने भी पार्क में ही बॉक्सिंग सीखना शुरू कर दिया। पंजाब पुलिस में एसआई जोगेंद्र कुमार गरीब बच्चों को पार्क में निशुल्क ट्रेनिंग देते हैं। घर की माली हालत कमजोर होने के कारण रोहित ने पार्क में ही मन लगाकर बॉक्सिंग के गुर सीखे। रोहित के जुनून ने गोल्ड मेडल दिला दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed