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Tehri News: भूस्खलन के बीच जिंदगी की जंग, 50 मीटर का सफर बना जानलेवा
Sun, 30 Aug 2026 05:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 30 Aug 2026 05:58 PM IST
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संगमचट्टी अगोड़ा मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से जानजोखिम में डालकर पैदल जाते असी गंगा घाटी के
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अस्सी गंगा घाटी के चार गांवों के लोग जोखिम में सफर करने के लिए मजबूर
बोल्डर, मलबे के साथ ही टूटे पेड़ों ने रोकी राह, जेसीबी भी नहीं हटा पा रही
उत्तरकाशी। अस्सी गंगा घाटी के चार गांव के लोग गत पांच दिनों से नौगांव और भंकोली के बीच सड़क पर हुए भूस्खलन के बीच गिरते बोल्डर, मलबा और पेड़ों के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से एक मशीन भेजी हुई है लेकिन उसकी क्षमता कम होने के कारण वह मलबा नहीं हटा पा रही है। लोग बच्चों को पीठ पर बांधकर करीब 50 मीटर लंबे भूस्खलन क्षेत्र को जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
अस्सी गंगा घाटी के ग्रामीणोें ने बताया कि पांच दिन पूर्व नौगांव और भंकोली के बीच सड़क पर भूस्खलन होने के कारण मलबा सहित बोल्डर और पेड़ टूटकर गिरे हैं। विभाग को सूचना देने के बाद मशीन तो पहुंच गई थी लेकिन पेड़ व बोल्डर नहीं हटाए गए। भूस्खलन क्षेत्र मेें लगातार बोल्डर गिर रहे हैं।
सड़क बंद होने से अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका और भंकोली के लोग करीब पांच किमी की पैदल दूरी तय कर वहां पर पहुंच रहे हैं। उसके बाद करीब 50 मीटर लंबे भूस्खलन क्षेत्र को पार करते हुए हर समय बोल्डर गिरने और पेड़ों व मलबे से खाई में फिसलने का खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में उनको ऐसी विकट परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है लेकिन सड़क पर भूस्खलन को रोकने के लिए आज तक कोई कदम नहीं उठाए गए। इस संबंध में पीएमजीएसवाई के ईई से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।
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बोल्डर, मलबे के साथ ही टूटे पेड़ों ने रोकी राह, जेसीबी भी नहीं हटा पा रही
उत्तरकाशी। अस्सी गंगा घाटी के चार गांव के लोग गत पांच दिनों से नौगांव और भंकोली के बीच सड़क पर हुए भूस्खलन के बीच गिरते बोल्डर, मलबा और पेड़ों के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से एक मशीन भेजी हुई है लेकिन उसकी क्षमता कम होने के कारण वह मलबा नहीं हटा पा रही है। लोग बच्चों को पीठ पर बांधकर करीब 50 मीटर लंबे भूस्खलन क्षेत्र को जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
अस्सी गंगा घाटी के ग्रामीणोें ने बताया कि पांच दिन पूर्व नौगांव और भंकोली के बीच सड़क पर भूस्खलन होने के कारण मलबा सहित बोल्डर और पेड़ टूटकर गिरे हैं। विभाग को सूचना देने के बाद मशीन तो पहुंच गई थी लेकिन पेड़ व बोल्डर नहीं हटाए गए। भूस्खलन क्षेत्र मेें लगातार बोल्डर गिर रहे हैं।
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सड़क बंद होने से अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका और भंकोली के लोग करीब पांच किमी की पैदल दूरी तय कर वहां पर पहुंच रहे हैं। उसके बाद करीब 50 मीटर लंबे भूस्खलन क्षेत्र को पार करते हुए हर समय बोल्डर गिरने और पेड़ों व मलबे से खाई में फिसलने का खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में उनको ऐसी विकट परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है लेकिन सड़क पर भूस्खलन को रोकने के लिए आज तक कोई कदम नहीं उठाए गए। इस संबंध में पीएमजीएसवाई के ईई से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।

संगमचट्टी अगोड़ा मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से जानजोखिम में डालकर पैदल जाते असी गंगा घाटी के

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