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बूढ़ाकेदार-अंयारकाखाल मोटर मार्ग एआरटीओ से नहीं हुआ पास
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घनसाली(टिहरी)। बूढाकेदार-अंयारकाखाल मोटर मार्ग कई साल बाद भी एआरटीओ से पास नही हो पाया है। मार्ग पर वाहनों के संचालन की अनुमति मिलती, तो टिहरी-उत्तरकाशी के ग्रामीणों और चारधाम यात्रियों को सौ किमी का अतिरिक्त सफर करने से निजात मिल जाती। पीएमजीएसवाई की ओर से मानकों के अनुरूप सड़क न बनने के चलते एआरटीओ से अनुमति नही मिल पाई है।
सरकार ने टिहरी-उत्तरकाशी जिले के ग्रामीणों और यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का रास्ता सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2008 में बूढाकेदार-अंयारकाखाल 15 किमी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था जिसका निर्माण कार्य पीएमजीएसवाई को सौंपा गया था। पीएमजीएसवाई ने वर्ष 2011-12 में मार्ग निर्माण कार्य पर चार करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन कई साल बाद भी मार्ग पर वाहन संचालन के लिए एआरटीओ से अनुमति नही मिल पाई है। जिससे दोनों जिलों के ग्रामीण से लेकर चारधाम यात्री 100 किमी का अतिरिक्त सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीण मालचंद बिष्ट, भरत सिंह, हरी सिंह, प्रेम सिंह, चौवन सिंह आदि का कहना है, कि विभाग ने मोटर मार्ग के निर्माण पर करोड़ों रुपये तो खर्च कर दिए हैं बावजूद एआरटीओ से सड़क पास करवाने में रुचि नही दिखा रहा है। जिसके चलते मार्ग पर वाहनों का संचालन नही हो पा रहा है। उन्होंने पीएमजीएसवाई और परिवहन विभाग से सड़क पर यातायात शुरू करवाने की मांग की।
बूढाकेदार-अंयारकाखाल मोटर मार्ग के आठ किमी तक हल्के वाहन के लिए पास है, लेकिन सात किमी के हिस्से में कुछ निर्माण कार्य किया जाना बाकी है। अवशेष निर्माण को पूरा करवाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
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-संजय श्रीवास्तव, ईई पीएमजीएसवाई।
मार्ग पर पूर्व में कुछ आपत्तियां लगाई गई थी जिसे पीएमजीएसवाई को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया था। लेकिन अभी तक इस संबंध में कार्रवाई नही हो पाई है। जिससे अनुमति नही दी गई है।
-एनके ओझा, एआरटीओ नई टिहरी।
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सरकार ने टिहरी-उत्तरकाशी जिले के ग्रामीणों और यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का रास्ता सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2008 में बूढाकेदार-अंयारकाखाल 15 किमी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था जिसका निर्माण कार्य पीएमजीएसवाई को सौंपा गया था। पीएमजीएसवाई ने वर्ष 2011-12 में मार्ग निर्माण कार्य पर चार करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन कई साल बाद भी मार्ग पर वाहन संचालन के लिए एआरटीओ से अनुमति नही मिल पाई है। जिससे दोनों जिलों के ग्रामीण से लेकर चारधाम यात्री 100 किमी का अतिरिक्त सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीण मालचंद बिष्ट, भरत सिंह, हरी सिंह, प्रेम सिंह, चौवन सिंह आदि का कहना है, कि विभाग ने मोटर मार्ग के निर्माण पर करोड़ों रुपये तो खर्च कर दिए हैं बावजूद एआरटीओ से सड़क पास करवाने में रुचि नही दिखा रहा है। जिसके चलते मार्ग पर वाहनों का संचालन नही हो पा रहा है। उन्होंने पीएमजीएसवाई और परिवहन विभाग से सड़क पर यातायात शुरू करवाने की मांग की।
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बूढाकेदार-अंयारकाखाल मोटर मार्ग के आठ किमी तक हल्के वाहन के लिए पास है, लेकिन सात किमी के हिस्से में कुछ निर्माण कार्य किया जाना बाकी है। अवशेष निर्माण को पूरा करवाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
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-संजय श्रीवास्तव, ईई पीएमजीएसवाई।
मार्ग पर पूर्व में कुछ आपत्तियां लगाई गई थी जिसे पीएमजीएसवाई को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया था। लेकिन अभी तक इस संबंध में कार्रवाई नही हो पाई है। जिससे अनुमति नही दी गई है।
-एनके ओझा, एआरटीओ नई टिहरी।