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ग्वाड़ गांव के टांड में खोली गीता एकेडमी
Updated Tue, 04 Dec 2018 10:27 PM IST
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चंबा (टिहरी)। जीवन पथ पर कर्मों और नियमों पर चलने की प्रेरणा देने वाले श्रीमद्भागवत गीता के ज्ञान से युवा पीढ़ी रूबरू हो सकेगी। इसके लिए ग्वाड़ गांव के टांड तोक में गीता एकेडमी की विधिवत शुरूआत की गई है। इसमें दुनिया भर के युवा गीता में दृष्टिकोण, नेतृत्व, प्रेरणा, कार्यक्षमता और योजना निर्माण जैसे प्रबंधन के आधुनिक सिद्धांतों की निशुल्क शिक्षा ले सकेंगे।
नरेंद्रनगर ब्लॉक में ग्वाड़ गांव के टांड नामे तोक में गीता एकेडमी का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ किया गया। सूबे की पहली आधुनिक गीता एकेडमी में 18 से 30 साल की उम्र के युवाओं को गीता के मैनेजमेंट गुणों का तीन सप्ताह का कोर्स पढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि इस दौरान युवाओं को कोर्स के साथ ही आवास और भोजन की सुविधा भी पूरी तरह से निशुल्क दी जाएगी। एकेडमी में भारत ही नहीं विदेशों से भी छात्र गीता के मैनेजमेंट गुणों का ज्ञान ले सकेंगे। गीता के ज्ञान के प्रति के लिए यूएसए, कनाडा और केन्या के छात्रों ने कोर्स के लिए अपना आवेदन किया है। गीता एकेडमी के एमडी शिवेंद्र नागर ने कहा कि गीता केवल धर्म और अधर्म की व्याख्या करने वाला ग्रंथ ही नहीं है, बल्कि इसके सिद्धांत और उपदेश प्रबंधन के गुण भी सिखाते हैं। ऐसे में आज की युवा पीढ़ी इन प्रबंधन गुणों को आजमाकर सफलता के नए आयाम रच सकती है। उन्होंने कहा कि भागवत गीता में विजन, दृष्टिकोण, प्रेरणा, कार्यक्षमता और निर्णय लेने आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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नरेंद्रनगर ब्लॉक में ग्वाड़ गांव के टांड नामे तोक में गीता एकेडमी का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ किया गया। सूबे की पहली आधुनिक गीता एकेडमी में 18 से 30 साल की उम्र के युवाओं को गीता के मैनेजमेंट गुणों का तीन सप्ताह का कोर्स पढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि इस दौरान युवाओं को कोर्स के साथ ही आवास और भोजन की सुविधा भी पूरी तरह से निशुल्क दी जाएगी। एकेडमी में भारत ही नहीं विदेशों से भी छात्र गीता के मैनेजमेंट गुणों का ज्ञान ले सकेंगे। गीता के ज्ञान के प्रति के लिए यूएसए, कनाडा और केन्या के छात्रों ने कोर्स के लिए अपना आवेदन किया है। गीता एकेडमी के एमडी शिवेंद्र नागर ने कहा कि गीता केवल धर्म और अधर्म की व्याख्या करने वाला ग्रंथ ही नहीं है, बल्कि इसके सिद्धांत और उपदेश प्रबंधन के गुण भी सिखाते हैं। ऐसे में आज की युवा पीढ़ी इन प्रबंधन गुणों को आजमाकर सफलता के नए आयाम रच सकती है। उन्होंने कहा कि भागवत गीता में विजन, दृष्टिकोण, प्रेरणा, कार्यक्षमता और निर्णय लेने आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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