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बच्चा जनने के 27 दिन बाद महिला की मौत
Updated Sat, 15 Sep 2018 09:52 AM IST
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नई टिहरी। बच्चा जनने के 27 दिन बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि महिला की तबियत बिगड़ने के बाद उसे मदननेगी में एक निजी चिकित्सक ने इंजेक्शन लगाया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए लेकिन चिकित्सक उसे नहीं बचा पाए।
प्रतापनगर के मांजफ गांव निवासी प्रमोद की पत्नी बबली (22) का 19 अगस्त को प्रतापनगर पीएचसी में प्रसव हुआ था। दो दिन पहले ही वह बच्चे को लेकर अपने मायके खोला आई थी। मृतका के ससुर मुकंदी लाल ने बताया कि खोला गांव में उसकी तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे मदननेगी में एक निजी क्लीनिक में ले गए, वहां चिकित्सक ने उसे इंजेक्शन लगाया। उसके कुछ देर बाद उसे उल्टी-दस्त शुरू हो गए, और देखते ही देखते उसकी आवाज भी गड़बड़ाने लगी। इससे घबराए परिजन उसे लेकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराने निकले। उन्होंने बताया कि रास्ते में उसका कमर के नीचे का हिस्सा भी सुन हो गया। रात को वह महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह चार बजे उसने दम तोड़ दिया। मृतका के ससुर ने आरोप लगाया कि मदननेगी में इंजेक्शन लगाने के बाद ही उसकी तबियत बिगड़ी है। इस बाबत जिला चिकित्सालय बौराड़ी के सीएमएस डा. यतेंद्र सिंह ने बताया कि महिला को जब भर्ती कराया गया तो उसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी। हर संभव इलाज करने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
प्रतापनगर के मांजफ गांव निवासी प्रमोद की पत्नी बबली (22) का 19 अगस्त को प्रतापनगर पीएचसी में प्रसव हुआ था। दो दिन पहले ही वह बच्चे को लेकर अपने मायके खोला आई थी। मृतका के ससुर मुकंदी लाल ने बताया कि खोला गांव में उसकी तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे मदननेगी में एक निजी क्लीनिक में ले गए, वहां चिकित्सक ने उसे इंजेक्शन लगाया। उसके कुछ देर बाद उसे उल्टी-दस्त शुरू हो गए, और देखते ही देखते उसकी आवाज भी गड़बड़ाने लगी। इससे घबराए परिजन उसे लेकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराने निकले। उन्होंने बताया कि रास्ते में उसका कमर के नीचे का हिस्सा भी सुन हो गया। रात को वह महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह चार बजे उसने दम तोड़ दिया। मृतका के ससुर ने आरोप लगाया कि मदननेगी में इंजेक्शन लगाने के बाद ही उसकी तबियत बिगड़ी है। इस बाबत जिला चिकित्सालय बौराड़ी के सीएमएस डा. यतेंद्र सिंह ने बताया कि महिला को जब भर्ती कराया गया तो उसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी। हर संभव इलाज करने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
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