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ह घंटे की वार्ता के बाद भी समस्याओं पर नहीं बनी सहमति
Updated Fri, 15 Jun 2018 10:56 PM IST
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नई टिहरी। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से प्रभावितों की जिला प्रशासन एवं जीवीके के अधिकारियों के साथ छह घंटे की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बन पाई। आरोप लगाया कि 10 सालों से समस्याओं के निराकरण को लेकर संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन जीवीके प्रबंधन समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वार्ता के दौरान अधिकारियों एवं प्रभावितों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि 18 जून को जिला मुख्यालय से सचिवालय देहरादून में शिफ्ट कर आमरण शुरू किया जाएगा।
परियोजना से प्रभावित मंगसू, गूगली, सुरांसू और धारी (थलीसैण) के प्रभावित 16 मई से कलक्ट्रेट में उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर के नेतृत्व में क्रमिक अनशन और धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को डीएम सोनिका की अध्यक्षता में हाइड्रो प्रोजेक्ट के जीएम अमन साहू, संतोष रेड्डी की प्रभावितों के साथ 17 सूत्री मांगों पर वार्ता हुई। ग्रामीणों ने कंपनी की ओर से दिए गए फर्जी चेकों के भुगतान की मांग की। डीएम ने चेकों के संबंध में डीजीसी से जांच करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कंपनी ग्रामीणों की जायज मांगों को लटका रही है। इस मौके पर एडीएम शिवचरण द्विवेदी, एसडीएम चतर सिंह चौहान, नुपूर वर्मा, जिला पंचायत सदस्य मुरारी लाल खंडवाल, उत्तम भंडारी, सोहन लाल मुयाल, राजेंद्र मुयाल, मोहन लाल, श्रीधर श्रेष्ठ, सोहन लाल, राजेश कुमार, भरत लाल, भीमलाल, बबीता, समा, रूपा, सुशीला, राजेश्वरी, मीना, भादी, बरदेई, रीना, सरोजनी, दीपा आदि मौजूद थे।
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परियोजना से प्रभावित मंगसू, गूगली, सुरांसू और धारी (थलीसैण) के प्रभावित 16 मई से कलक्ट्रेट में उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर के नेतृत्व में क्रमिक अनशन और धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को डीएम सोनिका की अध्यक्षता में हाइड्रो प्रोजेक्ट के जीएम अमन साहू, संतोष रेड्डी की प्रभावितों के साथ 17 सूत्री मांगों पर वार्ता हुई। ग्रामीणों ने कंपनी की ओर से दिए गए फर्जी चेकों के भुगतान की मांग की। डीएम ने चेकों के संबंध में डीजीसी से जांच करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कंपनी ग्रामीणों की जायज मांगों को लटका रही है। इस मौके पर एडीएम शिवचरण द्विवेदी, एसडीएम चतर सिंह चौहान, नुपूर वर्मा, जिला पंचायत सदस्य मुरारी लाल खंडवाल, उत्तम भंडारी, सोहन लाल मुयाल, राजेंद्र मुयाल, मोहन लाल, श्रीधर श्रेष्ठ, सोहन लाल, राजेश कुमार, भरत लाल, भीमलाल, बबीता, समा, रूपा, सुशीला, राजेश्वरी, मीना, भादी, बरदेई, रीना, सरोजनी, दीपा आदि मौजूद थे।
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