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इस माह के अंतिम सप्ताह को होनी है डिलीवरी
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:39 PM IST
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नई टिहरी। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और गर्भधारण के दौरान उचित देखभाल की सलाह देने वाले स्वास्थ्य विभाग में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। यहां जिला चिकित्सालय बौराड़ी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत एक संविदा नर्स के गर्भवती होने पर उसे संविदा नवीनीकरण के लिए अनफिट करार दिया गया है, जिससे नवीनीकरण की प्रत्याशा में ड्यूटी कर रही महिला को अभी तक मातृत्व अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया है। इस माह के अंत में डिलीवरी होने के बावजूद नर्स को मजबूरन तीन अप्रैल तक डियूटी करनी पड़ी है।
जिला चिकित्सालय बौराड़ी में एक संविदा स्टाफ नर्स स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में कार्यरत है। मार्च 2018 को उनकी संविदा अवधि समाप्त होने पर उनका नवीनीकरण किया जाना था, लेकिन सीएमएस ने मेडिकल प्रमाणपत्र के तहत महिला नर्स को 33 सप्ताह तीन दिन की गर्भवती होने के कारण अनफिट बताया है। हालांकि सीएमएस ने मामले में सीएमओ को पत्र भेजकर संविदा नवीनीकरण करने और मातृत्व अवकाश देने के लिए दिशा-निर्देश मांगा है।
गर्भवती संविदा स्टाफ नर्स ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों तक समस्या रखी, लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। 12 सप्ताह बाद मातृत्व अवकाश लेने की जानकारी नहीं होने पर अप्रैल में मातृत्व अवकाश मांगा था, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने पर मुश्किल क्षण में तीन अप्रैल तक काम करना पड़ा। इस माह के अंतिम सप्ताह डिलीवरी होने के कारण ज्यादा अशक्त होने पर अपनी ड्यूटी इंचार्ज को बताकर छुट्टी आना पड़ा है। एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा कि गर्भवती महिला को अनफिट नहीं कहा जा सकता है। महिला नर्स का संविदा नवीनीकरण कर उसे मातृत्व अवकाश दिया जाना चाहिए। सीएमओ डा. आरती ढौडियाल ने कहा कि महिला कर्मी का गर्भवती होना अनफिट का कारण नहीं हो सकता है। बावजूद सीएमएस के पत्र के आधार पर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर उचित दिशा-निर्देश मांगा गया है।
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संविदा कर्मी को गर्भवती होने के कारण अनफिट बताना गलत है। हमारे स्तर से इस तरह के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। सीएमएस के स्तर से ही संविदा नवीनीकरण किया जाना है। इसके लिए सीएमएस ही जिम्मेदार हैं।
डा. वीएस टोलिया, निदेशक (एचआर) एनएचएम।
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जिला चिकित्सालय बौराड़ी में एक संविदा स्टाफ नर्स स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में कार्यरत है। मार्च 2018 को उनकी संविदा अवधि समाप्त होने पर उनका नवीनीकरण किया जाना था, लेकिन सीएमएस ने मेडिकल प्रमाणपत्र के तहत महिला नर्स को 33 सप्ताह तीन दिन की गर्भवती होने के कारण अनफिट बताया है। हालांकि सीएमएस ने मामले में सीएमओ को पत्र भेजकर संविदा नवीनीकरण करने और मातृत्व अवकाश देने के लिए दिशा-निर्देश मांगा है।
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गर्भवती संविदा स्टाफ नर्स ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों तक समस्या रखी, लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। 12 सप्ताह बाद मातृत्व अवकाश लेने की जानकारी नहीं होने पर अप्रैल में मातृत्व अवकाश मांगा था, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने पर मुश्किल क्षण में तीन अप्रैल तक काम करना पड़ा। इस माह के अंतिम सप्ताह डिलीवरी होने के कारण ज्यादा अशक्त होने पर अपनी ड्यूटी इंचार्ज को बताकर छुट्टी आना पड़ा है। एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा कि गर्भवती महिला को अनफिट नहीं कहा जा सकता है। महिला नर्स का संविदा नवीनीकरण कर उसे मातृत्व अवकाश दिया जाना चाहिए। सीएमओ डा. आरती ढौडियाल ने कहा कि महिला कर्मी का गर्भवती होना अनफिट का कारण नहीं हो सकता है। बावजूद सीएमएस के पत्र के आधार पर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर उचित दिशा-निर्देश मांगा गया है।
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संविदा कर्मी को गर्भवती होने के कारण अनफिट बताना गलत है। हमारे स्तर से इस तरह के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। सीएमएस के स्तर से ही संविदा नवीनीकरण किया जाना है। इसके लिए सीएमएस ही जिम्मेदार हैं।
डा. वीएस टोलिया, निदेशक (एचआर) एनएचएम।