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गोलाणी की पेयजल लाइन छह माह से क्षतिग्रस्त
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:24 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक में गोलाणी गांव के लोग गर्मी शुरू होने से पहले ही पानी को तरसने लगे हैं। गांव की एक मात्र पेयजल लाइन छह माह से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में ग्रामीणों को मीलों दूर स्रोतों से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है।
गोलाणी गांव साढ़े तीन साल से पेयजल समस्या से जूझ रहा है। वर्ष 1970 में बनी गांव की पेयजल योजना वर्ष 2015 में कोर्दी-स्यालगी मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान से ही क्षतिग्रस्त हो रही है। छह माह पहले सड़क का पुस्ता टूटने से पेयजल लाइन पूरी तरह से ठप हो गई थी। गांव के रामपाल कलूड़ा, अर्जुन सिंह कलूड़ा, चतर सिंह, बचन सिंह ने बताया कि गांव में जल संस्थान के दो फीटर हैं, लेकिन वे समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुलमा देवी, रुसना देवी, दीपा देवी, जशोदा देवी और युद्धवीर सिंह ने बताया कि पेयजल लाइन के स्रोत पर पानी होने के बावजूद लाइन क्षतिग्रस्त होने से उन्हें पानी को तरसना पड़ रहा है।
कोट
कोर्दी-स्यालगी मोटर मार्ग के कारण पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त हुई है। पीएमजीएसवाई को 2015 में 10 लाख रुपये का इस्टीमेट भेजा था, लेकिन धनराशि नहीं मिली। फिलहाल लाइन को जोड़कर जलापूर्ति सुचारु करा दी गई है।
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-सतीश नौटयाल, ईई जल संस्थान नई टिहरी।
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गोलाणी गांव साढ़े तीन साल से पेयजल समस्या से जूझ रहा है। वर्ष 1970 में बनी गांव की पेयजल योजना वर्ष 2015 में कोर्दी-स्यालगी मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान से ही क्षतिग्रस्त हो रही है। छह माह पहले सड़क का पुस्ता टूटने से पेयजल लाइन पूरी तरह से ठप हो गई थी। गांव के रामपाल कलूड़ा, अर्जुन सिंह कलूड़ा, चतर सिंह, बचन सिंह ने बताया कि गांव में जल संस्थान के दो फीटर हैं, लेकिन वे समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुलमा देवी, रुसना देवी, दीपा देवी, जशोदा देवी और युद्धवीर सिंह ने बताया कि पेयजल लाइन के स्रोत पर पानी होने के बावजूद लाइन क्षतिग्रस्त होने से उन्हें पानी को तरसना पड़ रहा है।
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कोट
कोर्दी-स्यालगी मोटर मार्ग के कारण पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त हुई है। पीएमजीएसवाई को 2015 में 10 लाख रुपये का इस्टीमेट भेजा था, लेकिन धनराशि नहीं मिली। फिलहाल लाइन को जोड़कर जलापूर्ति सुचारु करा दी गई है।
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-सतीश नौटयाल, ईई जल संस्थान नई टिहरी।