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प्रधान की मनमानी से क्षुब्ध वार्ड सदस्यों ने इस्तीफा दिया
Updated Fri, 09 Mar 2018 10:32 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर ब्लॉक में बौसाड़ी गांव में वार्ड सदस्यों ने ग्राम प्रधान पर मनमानी कर नियमों ताक में रखकर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने गांव में अब तक कराए गए कार्यों की जांच कराने की भी मांग की है।
बौंसाडी गांव के वार्ड सदस्यों ने प्रधान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों में वार्ड सदस्यों की अनदेखी की जा रही है। प्रधान फर्जीवाड़ा कर सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाने का प्रयास करता रहा है। वार्ड सदस्य पाना देवी, कृपाल सिंह, हिमला देवी, रुचि देवी, चंदना देवी, महेश सिंह और कमला देवी ने जिलाधिकारी और पंचायत राज अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा भेजा है। उन्होंने कहा कि प्रधान राकेश लाल ग्राम पंचायत की खुली बैठक भी नहीं बुलाते हैं और मांगने पर आय-व्यय का विवरण भी नहीं दिया जा रहा है। वार्ड सदस्यों ने आरोप लगाया कि किसी कार्य की सूचना मांगने पर प्रधान अनुसूचित जाति का होने के कारण हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी देता रहता है। इससे क्षुब्ध होकर उन्हें इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी आरएस असवाल का कहना है कि अभी वार्ड सदस्यों के इस्तीफा देने की सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बौंसाडी गांव के वार्ड सदस्यों ने प्रधान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों में वार्ड सदस्यों की अनदेखी की जा रही है। प्रधान फर्जीवाड़ा कर सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाने का प्रयास करता रहा है। वार्ड सदस्य पाना देवी, कृपाल सिंह, हिमला देवी, रुचि देवी, चंदना देवी, महेश सिंह और कमला देवी ने जिलाधिकारी और पंचायत राज अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा भेजा है। उन्होंने कहा कि प्रधान राकेश लाल ग्राम पंचायत की खुली बैठक भी नहीं बुलाते हैं और मांगने पर आय-व्यय का विवरण भी नहीं दिया जा रहा है। वार्ड सदस्यों ने आरोप लगाया कि किसी कार्य की सूचना मांगने पर प्रधान अनुसूचित जाति का होने के कारण हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी देता रहता है। इससे क्षुब्ध होकर उन्हें इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी आरएस असवाल का कहना है कि अभी वार्ड सदस्यों के इस्तीफा देने की सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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