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बारिश ने फिर धुले गौरीकुंड के अच्छे दिन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 29 Jun 2015 08:42 PM IST
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चार दिन से केदारनाथ की पैदल यात्रा के बंद होने का सबसे अधिक खामियाजा गौरीकुंड को भुगतना पड़ रहा है। बाजार में सन्नाटा पसरा है। लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं, सब्जी, दूध, चीनी के लिए पांच किमी दूर सोनप्रयाग जाना पड़ रहा है।
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आपदा के दो वर्ष बाद भी बाबा केदार की पैदल यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुंड का बुरा दौर खत्म होता नहीं दिख रहा है। इस वर्ष अप्रैल से केदारनाथ यात्रा शुरू होने से अच्छे दिनों उम्मीद बीते सप्ताह हुई बारिश ने धो दी। इस दौरान सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर स्टील गार्डर पुल के बहने से अच्छे दिनों का जैसे सेतु टूट गया।
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गौरीकुंड एक बार फिर अलग-थलग पड़ गया है। चार दिन से बाजार में सन्नाटा है। दुकानदार भी घोड़े-खच्चरों और नेपाली मजूदरों से चार सौ से छह सौ रुपये एक चक्कर मजदूरी पर सामान मंगाने को विवश हैं। दूसरी तरफ सोनप्रयाग में मोटर पुल टूटने से गौरी गांव के टैक्सी/मैक्सी चालक/मालिक भी बेरोजगार हो गए हैं। उनके वाहन जहां के तहां खड़े हैं।
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गौरी गांव के वयोवृद्ध परमानंद गोस्वामी बताते हैं कि कभी बाबा केदार की यात्रा में दिन-रात फुर्सत नहीं मिलती थी। लेकिन आपदा के बाद से न जाने गौरीकुंड को किसकी नजर लग गई। लाखों कमाने वाले स्थानीय लोग अब अपनी आजिविका के लिए दूसरे प्रयास करने लगे हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है।
कुलानंद गोस्वामी, संपूर्णानंद गोस्वामी, ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी का कहना है कि इस वर्ष यात्रा शुरू होने से जो उम्मीदें जगी भी थी। उसे बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद पैदा हुए हालातों ने फिर से हाशिए पर ला दिया है।े
गौरी माई मंदिर में भी सन्नाटा
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड में स्थित अराध्य देवी मां गौरी माई के मंदिर में सन्नाटा पसरा पड़ा है। यात्रा के बंद होने से यहां पिछले पांच दिन से शायद ही कोई श्रद्वालु दर्शनों के लिए आया हो। मंदिर के मठापति कहते हैं इस वर्ष बाबा केदार की यात्रा को आ रहे कई श्रद्धालु मंदिर में पहुंच कर पूजा-अर्चना कर रहे थे। लेकिन पिछले चार दिन से एक भी यात्री मंदिर में नहीं पहुंचा है।