गेंहू के एक-एक दाने के लिए तरसा तराई विकास सहकारी संघ

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Mon, 20 Apr 2020 04:19 PM IST
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रुद्रपुर स्थित तराई विकास सहकारी संघ का मुख्यालय l
रुद्रपुर स्थित तराई विकास सहकारी संघ का मुख्यालय l - फोटो : AMAR UJALA

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रुद्रपुर। देश की आजादी के बाद तराई में किसानों के अनाज का एक मात्र खरीददार रहा तराई विकास सहकारी संघ आज गेहूं के एक-एक दाने के लिए तरस रहा है। रबी विपणन सत्र 2020-21 के छह दिन बाद भी तराई विकास सहकारी संघ के कांटों पर किसान गेहूं खरीदने नहीं पहुंचे। बता दें कि 1951 मेें यूपी शासन में तराई को आबाद करने में लिए उपनिवेश योजना के तहत रुद्रपुर में तराई विकास सहकारी संघ का गठन किया गया था। इस संस्था द्वारा किसानों की रबी और खरीफ की फसलों को खरीदने के साथ ही खाद और कीटनाशक भी मुहैया कराए जाते थे। लेकिन संस्था के कमजोर प्रबंधन के कारण और किसानों की उपेक्षा के चलते यह संस्था किसानों का अनाज खरीदने में असफल साबित हो रही है। वर्तमान में तराई विकास सहकारी संघ ने गेहूं खरीदने के लिए रुद्रपुर, सितारगंज और खटीमा क्षेत्र में पांच कांटे खोल रखे हैं। लेकिन अभी तक गेहूं की खरीद शून्य है। इस संबंध में तराई विकास सहकारी संघ के क्रय केंद्र प्रभारी अमित कुमार कहते हैं कि केंद्र पर किसानों के लिए पूरी सुविधा उपलब्ध कराई गई, लेकिन अभी कोई किसान गेहूं खरीदने के लिए नहीं पहुंचा है। 
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