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Rudraprayag News: मानव-वन्यजीव संघर्ष का टीम कर रही वैज्ञानिक अध्ययन

Sun, 06 Sep 2026 06:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग Updated Sun, 06 Sep 2026 06:44 PM IST
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A team is conducting a scientific study on human-wildlife conflict.
गुलदार, हिमालयी भालू, जंगली सुअरों से जुड़ी घटनाओं की ली जा रही जानकारी
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
जखोली। जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के कारणों और प्रभावों को समझने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है। डीएफओ विनीत कुमार के दिशा-निर्देशन में वैज्ञानिकों एवं रिसर्च फेलो की छह सदस्यीय टीम संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर आंकड़े जुटा रही है। टीम का नेतृत्व डॉ. शेखोम इनोओतोम्बी कर रहे हैं।

विशेषज्ञ टीम ने उत्तरी जखोली रेंज के जाखनी, डांगी, डडोली कोटी, कुड़ी अधुली, पाटलीधार, डांडा चमसारी, देवल और मखेत क्षेत्रों का भ्रमण किया। टीम ने ग्रामीण उम्मेद सिंह राणा, ग्राम प्रधान चन्दी पवन सिंह, प्रभावित रमेश प्रसाद थपलियाल व चंदेशेखर बुटोला आदि से संवाद कर गुलदार, हिमालयी भालू, जंगली सुअर, बंदर और लंगूर से जुड़ी घटनाओं की जानकारी जुटाई। शोध में मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीछे प्राकृतिक और मानवीय कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार अध्ययन रुद्रप्रयाग वन प्रभाग की विभिन्न रेंजों में जारी रहेगा। स्थलीय सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। डीएफओ ने बताया कि संघर्ष के मूल कारणों को वैज्ञानिक दृष्टि से समझकर ही जनसुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के उपायों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
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