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सैनिक स्कूल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की सुगबुगाहट ...

Mon, 06 Jan 2020 10:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 10:21 PM IST
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Preparation of agitation for construction of Sainik School
रुद्रप्रयाग। जखोली विकासखंड के थाती-दिग्धार में छह वर्ष पूर्व स्वीकृत सैनिक स्कूल निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता आंदोलन की तैयारी में जुट गई है। बड़मा व सिलगढ़ समेत क्षेत्र के अन्य गांवों के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बैठक कर भावी रणनीति पर चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार व विधायक पर सैनिक स्कूल निर्माण के नाम पर ढाई वर्ष से कोरे आश्वासन देने का आरोप लगाया है।
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दिग्धार में आयोजित बैठक में लोगों ने एक स्वर में थाती-दिग्धार में सैनिक स्कूल निर्माण की मांग की। कहा कि वर्ष 2014 में स्वीकृत स्कूल के कैंपस निर्माण पर 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वर्ष 2016 अक्तूबर से जांच के नाम पर कार्य ठप पड़ा है। बीते वर्ष 18 जनवरी को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मौके का निरीक्षण करते हुए यथाशीघ्र पुन: कार्य शुरू कराने की बात की थी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पूर्ववत है। उन्होंने सरकार और विधायक पर कोरे आश्वासन देने का आरोप भी लगाया। सैनिक स्कूल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कालीचरण रावत ने कहा कि छह वर्ष बीत जाने के बाद भी सैनिक स्कूल धरातल पर नहीं उतर पाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार ने उदासीन रवैया अपनाया हुआ है, जिससे लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जांच के नाम पर जिस तरह से सैनिक स्कूल ठप हुए चार वर्ष बीत गए हैं, उससे अब भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। त्रिलोक सिंह, बीरेंद्र सिंह व राम सिंह का कहना था कि सैनिक स्कूल निर्माण के लिए लड़ाई दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लड़नी है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर प्रस्तावित सैनिक स्कूल के निर्माण को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। पूर्व छात्रसंघ महासचिव मनोज रौथाण के संचालन में हुई बैठक में थाती, बड़मा, मुन्नादेवल, धरियाजं, जखोली, बांध, डंगवाल गांव, घणतगांव, स्वाड़ा, ब्राहमण गांव, नौगांव, सेम, कोटी, मरोड़ा, किरोड़ा तल्ला व मल्ला, उतर्सू, डोबल्यिा, बस्टा, नेरा, जखन्याल गांव, गैरसेरा, पाटियों, चाका, धारकोट, डोबा, तिमली, गदनु आदि गांवों के जनप्रतिनिधियों, महिला व युवक मंगल दल और अन्य ग्रामीण शामिल थे।
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