केदारनाथ में भारी बर्फबारी से बिजली लाइन व पोल क्षतिग्रस्त पड़े हैं। रास्ते से धाम तक कई फीट बर्फ के चलते अभी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, डीडीएमए के 100 से अधिक मजदूर दो सप्ताह से रामबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ की सफाई में जुटे हैं।
आगामी 6 मई से केदारनाथ यात्रा शुरू होनी है। यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ दो दौर की बैठक की है। यात्रा से जुड़े पशुपालन, जलसंस्थान, जलनिगम, ऊर्जा निगम, स्वास्थ्य विभाग, बीएसएनएल को तैयारियों को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ बीते वर्ष दिसंबर से केदारनाथ में बिजली सप्लाई ठप है। धाम से लेकर गौरीकुंड तक जगह-जगह बिजली के पोल बर्फ से तिरछे हो रखे हैं। बिजली के तार भी टूटे हैं। इस समस्या के चलते पैदल मार्ग पर बर्फ सफाई में जुटे डीडीएमए के मजदूरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि रामबाड़ा से लिनचोली तक बर्फ को काटकर रास्ता बना दिया गया है। मजदूर लिनचोली में हट्स में रात्रि प्रवास कर रहे हैं लेकिन बिजली नहीं होने से उन्हें कैंडल के सहारे रहना पड़ रहा है। दूसरी तरफ केदारनाथ में बीएसएनएल की संचार सेवा भी ठप पड़ी है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता डीएस चौधरी ने बताया कि केदारनाथ बिजली लाइन की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। हरसंभव प्रयास होगा कि अगले दो सप्ताह में सप्लाई बहाल हो जाए।