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यात्रा काल में 26 हजार से ज्यादा प्लास्टिक बोतलें एकत्रित
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जिले के धार्मिक स्थलों व यात्राओं को प्लास्टिक मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल के तहत यात्रा काल के छह माह में प्लास्टिक की 26 हजार खाली बोतलों का निस्तारण किया जा चुका है। यात्रा सीजन में प्लास्टिक के कचरे का निदान परेशानी का सबब बना रहता है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि रिसाइकल संस्था के साथ मिलकर पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केदारनाथ यात्रा मार्ग एवं दूसरे चरण में चोपता-तुंगनाथ और देवरियाताल मार्ग पर क्यूआर कोड व्यवस्था को लागू किया गया। आगामी यात्राओं में योजना को बड़े पैमाने पर लागू कर सभी प्रकार के प्लास्टिक कचरे के निदान के लिए इस्तेमाल करने पर विचार किया जाएगा। इस वर्ष 6 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर रिसाइकल संस्था ने जिला प्रशासन के निर्देशन पर नगर पंचायत केदारनाथ, सुलभ इंटरनेशनल एवं यात्रा मैनेजमेंट फोर्स के कर्मचारियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर के पास की कुछ दुकानों से प्रोजेक्ट शुरू किया था। सफल परीक्षण के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच सभी दुकानों में क्यूआर कोड लागू किए गए। दूसरे चरण में सिस्टम चोपता-तुंगनाथ मार्ग पर लागू किया गया। इस प्रयोग को और गति मिली। जिला प्रशासन के सहयोग से केदारनाथ, चोपता-तुंगनाथ और देवरियाताल मार्ग पर 26551 प्लास्टिक बोतलें संस्था के काउंटर पर एकत्रित हुई हैं। 90650 क्यूआर कोड वितरण किए गए थे। जिन दुकानों की क्यूआर कोड लगी बोतलें पूरी नहीं बिकी हैं वे आने वाले समय में भी बेची जा सकती हैं।
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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि रिसाइकल संस्था के साथ मिलकर पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केदारनाथ यात्रा मार्ग एवं दूसरे चरण में चोपता-तुंगनाथ और देवरियाताल मार्ग पर क्यूआर कोड व्यवस्था को लागू किया गया। आगामी यात्राओं में योजना को बड़े पैमाने पर लागू कर सभी प्रकार के प्लास्टिक कचरे के निदान के लिए इस्तेमाल करने पर विचार किया जाएगा। इस वर्ष 6 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर रिसाइकल संस्था ने जिला प्रशासन के निर्देशन पर नगर पंचायत केदारनाथ, सुलभ इंटरनेशनल एवं यात्रा मैनेजमेंट फोर्स के कर्मचारियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर के पास की कुछ दुकानों से प्रोजेक्ट शुरू किया था। सफल परीक्षण के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच सभी दुकानों में क्यूआर कोड लागू किए गए। दूसरे चरण में सिस्टम चोपता-तुंगनाथ मार्ग पर लागू किया गया। इस प्रयोग को और गति मिली। जिला प्रशासन के सहयोग से केदारनाथ, चोपता-तुंगनाथ और देवरियाताल मार्ग पर 26551 प्लास्टिक बोतलें संस्था के काउंटर पर एकत्रित हुई हैं। 90650 क्यूआर कोड वितरण किए गए थे। जिन दुकानों की क्यूआर कोड लगी बोतलें पूरी नहीं बिकी हैं वे आने वाले समय में भी बेची जा सकती हैं।
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