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Rudraprayag News: मां इंद्रासणी देवी के अनुष्ठान में प्रवासी भी हुए शामिल
Sun, 02 Feb 2025 06:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sun, 02 Feb 2025 06:52 PM IST
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जखोली ब्लॉक के कंडाली गांव में हो रहा मां इंद्रासणी देवी का महायज्ञ। संवाद
तिलवाड़ा। जखोली ब्लॉक के सिलगढ़ पट्टी के कंडाली गांव में मां इंद्रासणी देवी के नौ दिवसीय महायज्ञ को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है। 12 वर्ष बाद हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में छह गांवों के ग्रामीणों के साथ प्रवासी और ध्याणियां भी परिवार के साथ शामिल हो रही हैं।
नौ दिवसीय महायज्ञ में प्रतिदिन मां इंद्रासणी देवी की विशेष पूजा की जा रही है। पूर्वाह्न 11 बजे से आचार्य सुदर्शन पुरोहित के वेद मंत्रोच्चार के बीच 19 ब्राह्मणों की ओर से महायज्ञ में विश्व कल्याण के लिए आहुतियां दी जा रही हैं। अनुष्ठान में जैली, कंडाली, मरगांव, सिरसोलिया, नागधर और पंद्रोला गांव के ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। मंदिर के मठापति सुरेंद्र चमोली व पुजारी सैकड़ा नंद पुरोहित ने बताया कि 12 वर्ष के बाद हो रहे इस अनुष्ठान को लेकर पुरानी व नई पीढ़ी में उत्साह है। बीते वर्ष 26 नवंबर को मां इंद्रासणी देवी की देवयात्रा शुरू हुई थी। दो माह में देवी की डोली ने 70 से अधिक गांवों का भ्रमण किया और भक्तों की कुशलक्षेम पूछकर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस दौरान बुद्धिराम रतूड़ी, आयोजन समिति के संयोजक नरेश भट्ट, शिवप्रसाद भट्ट आदि मौजूद थे। संवाद
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नौ दिवसीय महायज्ञ में प्रतिदिन मां इंद्रासणी देवी की विशेष पूजा की जा रही है। पूर्वाह्न 11 बजे से आचार्य सुदर्शन पुरोहित के वेद मंत्रोच्चार के बीच 19 ब्राह्मणों की ओर से महायज्ञ में विश्व कल्याण के लिए आहुतियां दी जा रही हैं। अनुष्ठान में जैली, कंडाली, मरगांव, सिरसोलिया, नागधर और पंद्रोला गांव के ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। मंदिर के मठापति सुरेंद्र चमोली व पुजारी सैकड़ा नंद पुरोहित ने बताया कि 12 वर्ष के बाद हो रहे इस अनुष्ठान को लेकर पुरानी व नई पीढ़ी में उत्साह है। बीते वर्ष 26 नवंबर को मां इंद्रासणी देवी की देवयात्रा शुरू हुई थी। दो माह में देवी की डोली ने 70 से अधिक गांवों का भ्रमण किया और भक्तों की कुशलक्षेम पूछकर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस दौरान बुद्धिराम रतूड़ी, आयोजन समिति के संयोजक नरेश भट्ट, शिवप्रसाद भट्ट आदि मौजूद थे। संवाद
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