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Rudraprayag News: अहमदाबाद से पैदल चलकर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचा कल्पेश
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बीते वर्ष 22 दिसंबर को अपने घर से रवाना हुआ था यह युवा
गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कर चुके दर्शन
आज तुंगनाथ से बदरीनाथ के लिए होंगे रवाना
फोटो
रुद्रप्रयाग। गुजरात के अहमदाबाद शहर निवासी कल्पेश पैदल चलकर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने आराध्य के दर्शन किए और वहां से तृतीय केदार तुंगनाथ के दर्शन को रवाना हो गए हैं। बुधवार को वह बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। इससे पूर्व कल्पेश अभी तक गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। कल्पेश बीते वर्ष 22 दिसंबर को अपने घर से पैदल चले थे।
गुजरात के अहमदाबार से पैदल चलकर मध्य प्रदेश और वहां से उत्तर प्रदेश होते हुए वह उत्तराखंड पहुंचे। कहना है कि उत्तराखंड के चारधाम के दर्शन पैदल करने का उद्देश्य लेकर वह अपने से चले हैं। भले ही उनके साथ उनके मित्र गोपाल भी हैं, जो उनके लिए कपड़े व भोजन सामग्री लेकर वाहन से चल रहे हैं। कल्पेश एक दिन में लगभग 30 से 35 किमी पैदल चल रहे हैं। बताया कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ ही वह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, पर्यावरण और लोक संस्कृति के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।
ओंकारेश्वर मंदिर में उत्सव ग्रुप के संस्थापक व रंगकर्मी डॉ. राकेश भट्ट ने कल्पेश से भेंट करते हुए उनके इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक युवा द्वारा हजारों किमी दूर से पैदल चलकर देवभूमि उत्तराखंड के चारधाम दर्शन की सोच, अपने आप में विशेष है। उन्होंने कहा कि इससे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को भी बल मिलेगा। साथ ही युवा वर्ग में भी आध्यात्म के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नशे के कारोबार पर नियंत्रण लग सकेगा।
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गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कर चुके दर्शन
आज तुंगनाथ से बदरीनाथ के लिए होंगे रवाना
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रुद्रप्रयाग। गुजरात के अहमदाबाद शहर निवासी कल्पेश पैदल चलकर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने आराध्य के दर्शन किए और वहां से तृतीय केदार तुंगनाथ के दर्शन को रवाना हो गए हैं। बुधवार को वह बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। इससे पूर्व कल्पेश अभी तक गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। कल्पेश बीते वर्ष 22 दिसंबर को अपने घर से पैदल चले थे।
गुजरात के अहमदाबार से पैदल चलकर मध्य प्रदेश और वहां से उत्तर प्रदेश होते हुए वह उत्तराखंड पहुंचे। कहना है कि उत्तराखंड के चारधाम के दर्शन पैदल करने का उद्देश्य लेकर वह अपने से चले हैं। भले ही उनके साथ उनके मित्र गोपाल भी हैं, जो उनके लिए कपड़े व भोजन सामग्री लेकर वाहन से चल रहे हैं। कल्पेश एक दिन में लगभग 30 से 35 किमी पैदल चल रहे हैं। बताया कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ ही वह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, पर्यावरण और लोक संस्कृति के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।
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ओंकारेश्वर मंदिर में उत्सव ग्रुप के संस्थापक व रंगकर्मी डॉ. राकेश भट्ट ने कल्पेश से भेंट करते हुए उनके इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक युवा द्वारा हजारों किमी दूर से पैदल चलकर देवभूमि उत्तराखंड के चारधाम दर्शन की सोच, अपने आप में विशेष है। उन्होंने कहा कि इससे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को भी बल मिलेगा। साथ ही युवा वर्ग में भी आध्यात्म के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नशे के कारोबार पर नियंत्रण लग सकेगा।
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