फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Have to go 60 km away for finance related work

जनपद में एक प्रधानाचार्य के पास 11 स्कूलों के वित्त प्रबंधन की जिम्मेदारी

Tue, 23 Aug 2022 09:33 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 09:33 PM IST
विज्ञापन
Have to go 60 km away for finance related work
जनपद में प्रधानाचार्यों की कमी के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को वित्त संबंधित काम के लिए करीब 10 से 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। यहां स्थिति यह है कि तीन प्रधानाचार्यों पर 29 स्कूलों की डीडीओ पावर (वित्त आहरण-वितरण) की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग की इस व्यवस्था से जहां संबंधित अधिकारी अपने मूल कार्य समय से नहीं कर पा रहे हैं वहीं अन्य स्कूलों के शिक्षकों, कर्मचारियों को वित्त मामलों से जुड़े बिलों पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर के लिए 10 से 60 किमी का सफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जिले में 106 माध्यमिक स्कूल हैं जिसमें 80 इंटरमीडिएट व 26 राजकीय उच्चतर माध्यमिक (हाईस्कूल) हैं लेकिन इन विद्यालयों में सिर्फ 32 में ही प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक तैनात हैं। शेष 74 विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के सहारे है। इन प्रभारियों को वित्त प्रबंधन के काम से मुक्त रख गया है। ऐसे में 11 विद्यालयों की डीडीओ पावर राजकीय अटल आदर्श इंटरमीडिएट के स्थायी प्रधानाचार्य आरएस भदौरिया को दी गई है। प्रधानाचार्य आरएस भदौरिया के पास जीजीआईसी रुद्रप्रयाग, जीआईसी पीड़ा-धनपुर, खेड़ाखाल, पित्रधार, टैठी, खरगेड, राजकीय हाईस्कूल तूना सहित 11 विद्यालयों की डीडीओ पावर है। इन सभी विद्यालयों की जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से दूरी 9 किमी से लेकर 60 किमी तक है। वहीं जीआईसी मालतोली के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सेमवाल के पास 8 स्कूलों और जीआईसी तिलकनगर के प्रधानाचार्य डीएस राणा के पास चार स्कूलों की डीडीओ पावर है। ऐसे ही अन्य प्रधानाचार्य भी हैं जिनके पास 2 से 6 स्कूलों की वित्त की जिम्मेदारी है। वित्त प्रबंधन के तहत पेंशन, जीपीएफ, मेडिकल के साथ उन्हें अन्य संबंधित विद्यालयों के कार्य करने पड़ते हैं जिससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 74 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में कार्यालय व स्कूलों के वित्त प्रबंधन व अन्य कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। व्यवस्था के तौर पर तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मा सौंपा है। रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासन व निदेशालय से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। - यशवंत सिंह चौधरी, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed