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जनपद में एक प्रधानाचार्य के पास 11 स्कूलों के वित्त प्रबंधन की जिम्मेदारी
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जनपद में प्रधानाचार्यों की कमी के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को वित्त संबंधित काम के लिए करीब 10 से 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। यहां स्थिति यह है कि तीन प्रधानाचार्यों पर 29 स्कूलों की डीडीओ पावर (वित्त आहरण-वितरण) की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग की इस व्यवस्था से जहां संबंधित अधिकारी अपने मूल कार्य समय से नहीं कर पा रहे हैं वहीं अन्य स्कूलों के शिक्षकों, कर्मचारियों को वित्त मामलों से जुड़े बिलों पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर के लिए 10 से 60 किमी का सफर करना पड़ रहा है।
जिले में 106 माध्यमिक स्कूल हैं जिसमें 80 इंटरमीडिएट व 26 राजकीय उच्चतर माध्यमिक (हाईस्कूल) हैं लेकिन इन विद्यालयों में सिर्फ 32 में ही प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक तैनात हैं। शेष 74 विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के सहारे है। इन प्रभारियों को वित्त प्रबंधन के काम से मुक्त रख गया है। ऐसे में 11 विद्यालयों की डीडीओ पावर राजकीय अटल आदर्श इंटरमीडिएट के स्थायी प्रधानाचार्य आरएस भदौरिया को दी गई है। प्रधानाचार्य आरएस भदौरिया के पास जीजीआईसी रुद्रप्रयाग, जीआईसी पीड़ा-धनपुर, खेड़ाखाल, पित्रधार, टैठी, खरगेड, राजकीय हाईस्कूल तूना सहित 11 विद्यालयों की डीडीओ पावर है। इन सभी विद्यालयों की जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से दूरी 9 किमी से लेकर 60 किमी तक है। वहीं जीआईसी मालतोली के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सेमवाल के पास 8 स्कूलों और जीआईसी तिलकनगर के प्रधानाचार्य डीएस राणा के पास चार स्कूलों की डीडीओ पावर है। ऐसे ही अन्य प्रधानाचार्य भी हैं जिनके पास 2 से 6 स्कूलों की वित्त की जिम्मेदारी है। वित्त प्रबंधन के तहत पेंशन, जीपीएफ, मेडिकल के साथ उन्हें अन्य संबंधित विद्यालयों के कार्य करने पड़ते हैं जिससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जिले में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 74 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में कार्यालय व स्कूलों के वित्त प्रबंधन व अन्य कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। व्यवस्था के तौर पर तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मा सौंपा है। रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासन व निदेशालय से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। - यशवंत सिंह चौधरी, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग।
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जिले में 106 माध्यमिक स्कूल हैं जिसमें 80 इंटरमीडिएट व 26 राजकीय उच्चतर माध्यमिक (हाईस्कूल) हैं लेकिन इन विद्यालयों में सिर्फ 32 में ही प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक तैनात हैं। शेष 74 विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के सहारे है। इन प्रभारियों को वित्त प्रबंधन के काम से मुक्त रख गया है। ऐसे में 11 विद्यालयों की डीडीओ पावर राजकीय अटल आदर्श इंटरमीडिएट के स्थायी प्रधानाचार्य आरएस भदौरिया को दी गई है। प्रधानाचार्य आरएस भदौरिया के पास जीजीआईसी रुद्रप्रयाग, जीआईसी पीड़ा-धनपुर, खेड़ाखाल, पित्रधार, टैठी, खरगेड, राजकीय हाईस्कूल तूना सहित 11 विद्यालयों की डीडीओ पावर है। इन सभी विद्यालयों की जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से दूरी 9 किमी से लेकर 60 किमी तक है। वहीं जीआईसी मालतोली के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सेमवाल के पास 8 स्कूलों और जीआईसी तिलकनगर के प्रधानाचार्य डीएस राणा के पास चार स्कूलों की डीडीओ पावर है। ऐसे ही अन्य प्रधानाचार्य भी हैं जिनके पास 2 से 6 स्कूलों की वित्त की जिम्मेदारी है। वित्त प्रबंधन के तहत पेंशन, जीपीएफ, मेडिकल के साथ उन्हें अन्य संबंधित विद्यालयों के कार्य करने पड़ते हैं जिससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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जिले में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 74 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में कार्यालय व स्कूलों के वित्त प्रबंधन व अन्य कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। व्यवस्था के तौर पर तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मा सौंपा है। रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासन व निदेशालय से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। - यशवंत सिंह चौधरी, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग।
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