नारायणकोटी में भारी भूस्खलन के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर 14 घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान केदार यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूर्वाह्न 11 बजे हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया, लेकिन मौके पर खतरा अभी टला नहीं है। बरसात से राजमार्ग अन्य स्थानों पर भी संवेदनशील बना हुआ है।
सोमवार रात 9 बजे गुप्तकाशी से लगभग दो किमी आगे नारायणकोटी में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहकर हाईवे पर आ गिरा, जिससे यातायात ठप हो गया। एनएच की टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनों से मलबा सफाई का कार्य शुरू कराया, लेकिन हाईवे खोला नहीं जा सका। इसके बाद मंगलवार तड़के से पुन: मलबा सफाई का कार्य शुरू करते हुए पूर्वाह्न 11 बजे हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। प्रभावित क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहने के बाद भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। उधर, डोलिया मंदिर के समीप, जामू नर्सरी और सेरसी में भी गौरीकुंड हाईवे संवेदनशील बना हुआ है। इन स्थानों पर रुक रुक कर मलबा गिर रहा है। सेमी-भैंसारी में भी राजमार्ग भूधंसाव की चपेट में आ गया है, जिससे यातायात में दिक्कतें हो रही हैं। एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे पर उपजे डेंजर जोन से निजात पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बरसात के मौसम को देखते हुए इन स्थानों पर मलबा गिरने की स्थिति में त्वरित गति से मशीनों से मलबा साफ कर यातायात बहाल करने पर जोर दिया जा रहा है। दूसरी तरफ जिले में चार संपर्क मोटर मार्ग भी बंद पड़े हुए हैं।