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पूर्व जिपं अध्यक्ष ने ग्रामीणों के आंदोलन को दिया समर्थन
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गैंठाणा-बांगर में आमरण अनशन पर बैठे अनशनकारियों व ग्रामीणों से वार्ता करते हुए रुद्रप्रयाग के व?
- फोटो : RUDRAPRYAG
जखोली विकासखंड के बांगर क्षेत्र के गांवों को जोड़ने के लिए स्वीकृत बधाणी-छेनागाड़ मोटर मार्ग निर्माण व बधाणी-बरसिर मार्ग के हॉटमिक्स की मांग को लेकर ग्रामीणों का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री व पूर्व जिपं अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने अनशन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से फोन पर वार्ता कर मांगों पर कार्रवाई की भी मांग की।
ग्राम पंचायत गैंठाणा के केंवा गदेरे के पणसिल तोक में चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन में पहुंची पूर्व जिपं अध्यक्ष राणा ने कहा कि उनकी मांग जायज है। वे भी अपने स्तर से मांगपूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेंगी। इस दौरान उन्होंने अनशनस्थल पर ही वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से फोन पर वार्ता कर फारेस्ट एक्ट के चलते अधर में लटके बधाणी-छेनागाड़ मोटर मार्ग के बारे में बताया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। कैबिनेट मंत्री डा. रावत ने भरोसा दिया कि जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ आंदोलन के सातवें दिन भी सामाजिक कार्यकर्ता चिरंजीवी प्रसाद सेमवाल, मोहन लाल समेत तीन लोगों का आमरण अनशन जारी रहा। उनका कहना है कि जब तक शासन स्तर पर मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे आंदोलनरत रहेंगे। इस मौके पर कांग्रेस के जिला महामंत्री कालीचरण रावत, ग्राम प्रधान संजय सेमवाल, सरवीर सिंह मिंगवाल, भगवान सिंह, शशि देवी, मुकुंद लाल, गैणू लाल, मकान सिंह, सुरेंद्र सेमवाल, उत्तम सिंह, केदार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।
विधायक के वादे पर भी नहीं माने ग्रामीण
विधायक भरत सिंह चौधरी ने गैंठाणा पहुंचकर आंदोलनरत ग्रामीणों ने वार्ता की। उन्होंने बधाणी-छेनागाड़ मोटर मार्ग निर्माण की चार माह में स्वीकृति दिलाने का वादा किया। साथ ही बधाणी-बरसिर मोटर मार्ग को हॉटमिक्स करने में अगले 10 दिन में फाइल अपलोड करने की बात कही लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। उन्होंने विधायक से लिखित में आश्वासन देने को कहा। इस पर विधायक ने कहा कि दोनों मामले केंद्र सरकार के अंतर्गत हैं, इसलिए यह मेरा अधिकार नहीं है। उन्होंने अनशनकारी सामाजिक कार्यकर्ता चिरंजीवी सेमवाल का हालचाल भी पूछा। साथ ही यह भी कहा कि जो लोग उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं। वे 2022 तक सड़क की स्वीकृति ले आएंगे तो मैं विधायकी से इस्तीफा दे दूंगा।
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ग्राम पंचायत गैंठाणा के केंवा गदेरे के पणसिल तोक में चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन में पहुंची पूर्व जिपं अध्यक्ष राणा ने कहा कि उनकी मांग जायज है। वे भी अपने स्तर से मांगपूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेंगी। इस दौरान उन्होंने अनशनस्थल पर ही वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से फोन पर वार्ता कर फारेस्ट एक्ट के चलते अधर में लटके बधाणी-छेनागाड़ मोटर मार्ग के बारे में बताया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। कैबिनेट मंत्री डा. रावत ने भरोसा दिया कि जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ आंदोलन के सातवें दिन भी सामाजिक कार्यकर्ता चिरंजीवी प्रसाद सेमवाल, मोहन लाल समेत तीन लोगों का आमरण अनशन जारी रहा। उनका कहना है कि जब तक शासन स्तर पर मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे आंदोलनरत रहेंगे। इस मौके पर कांग्रेस के जिला महामंत्री कालीचरण रावत, ग्राम प्रधान संजय सेमवाल, सरवीर सिंह मिंगवाल, भगवान सिंह, शशि देवी, मुकुंद लाल, गैणू लाल, मकान सिंह, सुरेंद्र सेमवाल, उत्तम सिंह, केदार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।
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विधायक के वादे पर भी नहीं माने ग्रामीण
विधायक भरत सिंह चौधरी ने गैंठाणा पहुंचकर आंदोलनरत ग्रामीणों ने वार्ता की। उन्होंने बधाणी-छेनागाड़ मोटर मार्ग निर्माण की चार माह में स्वीकृति दिलाने का वादा किया। साथ ही बधाणी-बरसिर मोटर मार्ग को हॉटमिक्स करने में अगले 10 दिन में फाइल अपलोड करने की बात कही लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। उन्होंने विधायक से लिखित में आश्वासन देने को कहा। इस पर विधायक ने कहा कि दोनों मामले केंद्र सरकार के अंतर्गत हैं, इसलिए यह मेरा अधिकार नहीं है। उन्होंने अनशनकारी सामाजिक कार्यकर्ता चिरंजीवी सेमवाल का हालचाल भी पूछा। साथ ही यह भी कहा कि जो लोग उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं। वे 2022 तक सड़क की स्वीकृति ले आएंगे तो मैं विधायकी से इस्तीफा दे दूंगा।
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