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आपदा प्रबंधन अधिकारी सस्पेंड
/ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 25 Mar 2017 09:18 PM IST
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फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज लगाने वाले संविदा पर तैनात आपदा प्रबंधन अधिकारी को डीएम ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विशेषज्ञों से रायशुमारी की जा रही है। वहीं उप जिलाधिकारी मुक्ता मित्र को आपदा प्रबंधन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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संविदा पर तैनात आपदा प्रबंधन अधिकारी आशीष सेमवाल के स्नातक प्रमाणपत्र के संबंध में बीते वर्ष ऋषिकेश के एक युवक ने आरटीआई में जानकारी मांगी थी। इस पर, तत्कालीन डीएम डा. राघव लंगर ने एसडीएम के नेतृत्व में 20 जून 2016 को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी, जिसमें मुख्य शिक्षाधिकारी और सेवायोजन अधिकारी को शामिल किया गया था।
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जांच टीम ने विभिन्न स्तरों से जांच कर 9 दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसमें कहा गया है कि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सेमवाल की ओर से ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी नागालैंड से व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में वर्ष 2011 में कला वर्ग से स्नातक की डिग्री लेने का दावा किया है, लेकिन यह यूनिवर्सिटी वर्ष 2008-09 के बाद से अस्तित्व (मान्यता प्राप्त) में ही नहीं थी, जिससे सेमवाल की डिग्री विधिक रूप से मान्य नहीं है।
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प्रशासन ने मामले में शासकीय अधिवक्ता (सिविल) से भी राय ली, तो उन्होंने भी कानूनी पहलुओं के आधार पर डिग्री को अमान्य पाते हुए निरस्त करने की बात कही थी। इसके बाद डीएम दोबारा जांच रिपोर्ट की तह पर गई। इसमें भी दस्तावेज गलत पाए गए, इस पर डीएम ने सेमवार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। बताया कि संबंधित के खिलाफ कानूनी या अन्य प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि वर्ष 9 जनवरी 2015 को आशीष सेमवाल को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के पद पर संविदा के आधार पर तैनाती दी गई थी। छह-छह माह की संविदा अविधि के तहत वे कार्य कर रहे थे। इस वर्ष 9 जनवरी को उनकी संविदा अवधि समाप्त हो गई थी, लेकिन उन्होंने संविदा बढ़ाने के लिए भी प्रार्थनापत्र नहीं दिया। आपदा प्रबंधन अधिकारी, आपदा प्रबंधन के मामले में भी दक्ष नहीं थे। उनकी तैनाती किस आधार पर की गई, इसे लेकर रुद्रप्रयाग प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे है।