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भाजपा ने केदारनाथ विस सीट से महिला को फिर बनाया प्रत्याशी
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केदारनाथ विधानसभा में भाजपा ने पूर्व विधायक शैलारानी रावत पर फिर से भरोसा जताया है। उन्हें प्रत्याशी बनाकर विस चुनाव में उतारा गया है। पार्टी ने लगातार पांचवीं बार यहां से महिला को प्रत्याशी बनाया है। साथ ही पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने पार्टी की जीत के लिए हरसंभव प्रयास की बात कही है।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहले विस चुनाव में 2002 में केदारनाथ विस सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। तब, पार्टी प्रत्याशी आशा नौटियाल ने कांग्रेस प्रत्याशी शैलारानी रावत को हराया था। 2007 में भी भाजपा से आशा नौटियाल विधायक बनकर लगातार दूसरी बार विधानसभा में पहुंची, लेकिन 2012 में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल कांग्रेस प्रत्याशी शैलारानी रावत से हार गईं। वर्ष 2016 में प्रदेश में हुए राजनीतिक उठापटक के बीच शैलारानी रावत, कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हो गईं। इसके बाद 2017 में उन्हें भाजपा ने केदारनाथ से अपना प्रत्याशी बनाया, जिस कारण पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने खुली बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा। स्थिति यह रही कि भाजपा प्रत्याशी को जहां चुनाव में चौथे स्थान पर रहकर संतोष करना पड़ा। वहीं, निर्दलीय आशा नौटियाल भी हार गईं। अब, 2022 के विस चुनाव के लिए पार्टी ने केदारनाथ सीट पर पुन: शैलारानी रावत पर भरोसा जताया है। विस प्रभारी व पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल ने बताया कि भाजपा के कार्यकर्ता/पदाधिकारी एक परिवार के तौर पर काम करते हैं।
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उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहले विस चुनाव में 2002 में केदारनाथ विस सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। तब, पार्टी प्रत्याशी आशा नौटियाल ने कांग्रेस प्रत्याशी शैलारानी रावत को हराया था। 2007 में भी भाजपा से आशा नौटियाल विधायक बनकर लगातार दूसरी बार विधानसभा में पहुंची, लेकिन 2012 में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल कांग्रेस प्रत्याशी शैलारानी रावत से हार गईं। वर्ष 2016 में प्रदेश में हुए राजनीतिक उठापटक के बीच शैलारानी रावत, कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हो गईं। इसके बाद 2017 में उन्हें भाजपा ने केदारनाथ से अपना प्रत्याशी बनाया, जिस कारण पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने खुली बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा। स्थिति यह रही कि भाजपा प्रत्याशी को जहां चुनाव में चौथे स्थान पर रहकर संतोष करना पड़ा। वहीं, निर्दलीय आशा नौटियाल भी हार गईं। अब, 2022 के विस चुनाव के लिए पार्टी ने केदारनाथ सीट पर पुन: शैलारानी रावत पर भरोसा जताया है। विस प्रभारी व पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल ने बताया कि भाजपा के कार्यकर्ता/पदाधिकारी एक परिवार के तौर पर काम करते हैं।
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