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12 वर्ष बाद चला नहर में पानी
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Sun, 11 Dec 2016 10:16 PM IST
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12 वर्ष पूर्व टूटी सिंचाई नहर की मरम्मत के बाद पानी शुरू होने से कुरझण के ग्रामीण गदगद हैं। गांव की 8 सौ नाली से अधिक सिंचित भूमि को जहां अब पर्याप्त पानी मिलेगा। वहीं फसल उत्पादन बढ़ने से काश्तकारों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।
अगस्त्यमुनि ब्लाक का कुरझण गांव के अधिकांश परिवारों की आजीविका कृषि पर निर्भर है, लेकिन वर्ष 2004 में बरसात में गांव की मुख्य सिंचाई नहर के टूटने से सिंचित खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा था। इस दौरान कई परिवारों को खेती भी छोड़नी पड़ी थी, लेकिन अब पुन: गांव में खेतों में फसलें लहलहाएंगी।
सिंचाई विभाग ने इस टूटी नहर की मरम्मत का 60 फीसदी पूरा कर लिया है। 1.900 मीटर लंबी नहर से जुड़े खेतों को समुचित पानी मिले। इसके लिए विभाग की ओर से जगह-जगह पर छोटे-छोटे चेंबर बनाए जा रहे हैं। विभाग की मानें तो नहर का शेष 40 फीसदी मरम्मत कार्य भी इस माह के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा।
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इधर, वर्षों बाद नहर से खेतों तक पहुंच रहे पानी को देख ग्रामीणों की खुशी उनके चेहरों से साफ झलक रही हैं। ग्राम प्रधान वंदना देवी ने कहा कि अब खेतों को पूरा पानी मिलने से ग्रामीण खेतों में पारंपरिक फसलों के साथ नगदी फसलों का उत्पादन भी कर सकेंगे।
इनका कहना है -
जिला योजना के तहत इस वर्ष नहर की मरम्मत के लिए 30 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। प्राथमिकता के आधार पर 900 मीटर नहर को ठीक कर पानी शुरू कर दिया गया है। अगले एक पखवाड़े में नहर के शेष कार्य को भी पूरा कर दिया जाएगा।
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अगस्त्यमुनि ब्लाक का कुरझण गांव के अधिकांश परिवारों की आजीविका कृषि पर निर्भर है, लेकिन वर्ष 2004 में बरसात में गांव की मुख्य सिंचाई नहर के टूटने से सिंचित खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा था। इस दौरान कई परिवारों को खेती भी छोड़नी पड़ी थी, लेकिन अब पुन: गांव में खेतों में फसलें लहलहाएंगी।
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सिंचाई विभाग ने इस टूटी नहर की मरम्मत का 60 फीसदी पूरा कर लिया है। 1.900 मीटर लंबी नहर से जुड़े खेतों को समुचित पानी मिले। इसके लिए विभाग की ओर से जगह-जगह पर छोटे-छोटे चेंबर बनाए जा रहे हैं। विभाग की मानें तो नहर का शेष 40 फीसदी मरम्मत कार्य भी इस माह के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा।
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इधर, वर्षों बाद नहर से खेतों तक पहुंच रहे पानी को देख ग्रामीणों की खुशी उनके चेहरों से साफ झलक रही हैं। ग्राम प्रधान वंदना देवी ने कहा कि अब खेतों को पूरा पानी मिलने से ग्रामीण खेतों में पारंपरिक फसलों के साथ नगदी फसलों का उत्पादन भी कर सकेंगे।
इनका कहना है -
जिला योजना के तहत इस वर्ष नहर की मरम्मत के लिए 30 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। प्राथमिकता के आधार पर 900 मीटर नहर को ठीक कर पानी शुरू कर दिया गया है। अगले एक पखवाड़े में नहर के शेष कार्य को भी पूरा कर दिया जाएगा।
-- कृतपाल टम्टा, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग, रुद्रप्रयाग