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घरेलू गैस किल्लत की डबल मार
Rudraprayag
Updated Thu, 28 Feb 2013 05:30 AM IST
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रुद्रप्रयाग। घरेलू गैस का दिक्कत हर जगह मुंह उठाए हुए हैं। ऊखीमठ क्षेत्र के लोगों पर गैस किल्लत की डबल मार पड़ रही है। यहां की गैस एजेंसी पर दिसंबर में तीन माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया। जांच अभी चल रही है। वैकल्पिक व्यवस्था में अगस्त्यमुनि की गैस एजेंसी से यहां के उपभोक्ताओं को अटैच किया गया है। मगर इस व्यवस्था में लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का दबाव इस बात के लिए तेज हो गया है कि जांच पूरी करके इस मामले में निर्णय दिया जाए और सुचारु व्यवस्था बहाल की जाए।
यह है मामला
विगत वर्ष दिसंबर में वित्तीय अनियमितताआें के कारण आईओसी ने ऊखीमठ गैस एजेंसी से रसोई गैस सिलेंडराें की सप्लाई पर रोक लगा दी थी। सप्लाई अगस्त्यमुनि एजेंसी से दी जा रही है, डिमांड के अनुरूप प्लांट से सप्लाई नहीं होने के कारण क्षेत्र में रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। क्षेत्र के कई गांवाें में गत चार माह से सिलेंडराें की आपूर्ति नहीं हो पाई है। एजेंसी को अगस्त्यमुनि-ऊखीमठ क्षेत्र में सप्लाई के लिए प्रतिमाह लगभग 11 हजार सिलेंडराें की आवश्यकता है, लेकिन प्लांट से प्रतिमाह मात्र सात हजार सिलेंडर ही प्राप्त हो रहे हैं। इससे किल्लत और अधिक बढ़ गई है। उपभोक्ताओं
पूर्ति विभाग की पहल
दिन-ब-दिन खराब होती सप्लाई को देखते हुए प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी प्रेम वल्लभ सती ने आईओसी के अधिकारियों और जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया गया है कि अधिकारियों से जांच प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर ऊखीमठ एजेंसी से अस्थाई प्रतिबंध हटा दिया जाए, ताकि लोगों की दिक्कतों को दूर किया जा सके।
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गैस आपूर्ति को भाजपाइयों का प्रदर्शन
ऊखीमठ। क्षेत्र में रसोई गैस की अनियमित आपूर्ति से खफा भाजपाइयों ने ब्लाक/तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की।
बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे भाजपाई ब्लाक कार्यालय गेट में एकत्र हुए और ढोल-दमाऊं के साथ नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार से मनसूना रोड तक पहुंचे। यहां पर उन्होंने प्रदर्शन किया। बाद में तहसील परिसर में सभा का आयोजन किया। ब्लाक प्रमुख फते सिंह रावत ने कहा कि पूर्व में भाजपा के प्रतिनिधियों के प्रयासों से ऊखीमठ में गैस एजेंसी खुली थी, लेकिन चंद लोगों की मिलीभगत से एजेंसी अगस्त्यमुनि शिफ्ट हो गई। मंडल अध्यक्ष गजेंद्र चौधरी ने कहा कि अगर ऊखीमठ में गैस एजेंसी का दोबारा संचालन नहीं किया गया, तो केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया जाएगा। कनिष्ठ उप प्रमुख दर्शनी पंवार, नागेंद्र राणा, विपिन सेमवाल ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आम जनमानस परेशान है। प्रदर्शनकारियों में भगत कोटवाल, प्रेम सिंह राणा, अंजना रावत, अनुसूया प्रसाद भट्ट, राधेलाल, प्रधान जगदीश लाल सहित कई शामिल थे।
आधी सप्लाई, सिलेंडरों के लिए आपाधापी
कर्णप्रयाग। सोचा था सत्यापन कराएंगे तो रसोई गैस बुकिंग के बाद जल्द से जल्द मिलनी शुरू हो जाएगी, लेकिन यहां स्थिति उलट हो गई। दिसबंर माह से रसोई गैस कोटे में कटौती होती गई। हालात यह बने हैं कि रसोई गैस आपूर्ति बढ़ने के बजाए 62 फीसदी से करीब 45 फीसदी पर सिमट गई।
तहसील मुख्यालय पर गढ़वाल मंडल विकास निगम सप्लाई करता है। मगर डेढ़ माह से अधिक समय बीत गया, मुख्यालय पर रसोई गैस का वितरण नहीं हो पाया है। गैस एजेंसी संचालकों का प्लांट से गैस की सप्लाई कम होने का अपना तर्क है। संचालकों की मानें तो 7000 प्रति माह डिमांड है, जबकि फरवरी माह में 50 फीसदी रसोई गैस की आपूर्ति भी नहीं हो पाई है। कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर माह में 4320, जनवरी में 4194 और 27 फरवरी तक मात्र 3156 रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हुई है। दूसरी तरफ, एजेंसी के प्रबंधक वाईएस रावत का कहना है कि उनके पास गौचर से लेकर नारायणबगड़ और गैरसैंण तक का बड़ा क्षेत्र है, जिसके अनुरूप प्लांट से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। हालांकि व्यवस्था बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे है।
इनका कहना है-
अपर बाजार और तहसील परिसर में तकरीबन छह सौ उपभोक्ता है, लेकिन यहां 15 जनवरी के बाद सप्लाई नहीं आई है।-दिनेश चंद्र जोशी निवासी अपर बाजार।
सुभाष नगर वार्ड में अंत में रसोई गैस का वितरण किया जाता है। नगर के सबसे बड़े इस वार्ड में आठ सौ करीब उपभोक्ता हैं, लेकिन गत 23 जनवरी के बाद यहां रसोई गैस का वितरण नहीं हो पाया है।
प्रह्लाद सती, सुभाषनगर।
सप्लाई का सिस्टम बिगड़ा, भड़के लोग
लैंसडौन। छावनी नगर में बुधवार को गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था चरमरा गई। जिस प्वाइंट से सिलेंडरों की डिलीवरी होनी थी, वहां के बजाय दूसरी जगह सेे सिलेंडर बांट दिए गए। लाइन बनाकर घंटों से खडे़ लोगों को सिलेंडर नहीं मिले, तो उनका पारा चढ़ गया। वितरक से जमकर कहासुनी हो गई। शिकायत पर एसडीएम पीएल शाह ने प्रबंधक को होम डिलीवरी कराने के निर्देश दिए।
लैंसडौन में 26 दिनों बाद गैस सिलेंडरों का वितरण हुआ। इससे पहले 31 जनवरी को यहां गैस सिलेंडरों का वितरण हुआ था। सिलेंडर वितरक ने बिना किसी पूर्व सूचना के मंगलवार को शहर के कुछ प्वाइंटों पर सिलेंडरों का वितरण शुरू कर दिया। काफी समय तक तो अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं हो पायी। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद गैस सिलेंडरों का वितरण गोदाम से ही होने की सूचना पर लोगों का पारा चढ़ गया। गोदाम पहुंचे लोगों की वितरक से कहासुनी भी हुई। इसके बाद लोगों ने इस व्यवस्था को बदलने केे लिए एसडीएम को ज्ञापन दिया। एसडीएम पीएल शाह ने कहा कि लोगों को घर में ही सिलेंडरों की आपूर्ति कराई जाएगी, जबकि गैस वितरक का कहना है कि होम डिलीवरी का चार्ज मात्र पांच रुपया है। इससे घरों तक सिलेंडरों को पहुंचाना घाटे का सौदा है। लैंसडौन गैस एजेंसी के प्रबंधक केसी तिवारी का कहना है कि मांग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं।
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यह है मामला
विगत वर्ष दिसंबर में वित्तीय अनियमितताआें के कारण आईओसी ने ऊखीमठ गैस एजेंसी से रसोई गैस सिलेंडराें की सप्लाई पर रोक लगा दी थी। सप्लाई अगस्त्यमुनि एजेंसी से दी जा रही है, डिमांड के अनुरूप प्लांट से सप्लाई नहीं होने के कारण क्षेत्र में रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। क्षेत्र के कई गांवाें में गत चार माह से सिलेंडराें की आपूर्ति नहीं हो पाई है। एजेंसी को अगस्त्यमुनि-ऊखीमठ क्षेत्र में सप्लाई के लिए प्रतिमाह लगभग 11 हजार सिलेंडराें की आवश्यकता है, लेकिन प्लांट से प्रतिमाह मात्र सात हजार सिलेंडर ही प्राप्त हो रहे हैं। इससे किल्लत और अधिक बढ़ गई है। उपभोक्ताओं
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पूर्ति विभाग की पहल
दिन-ब-दिन खराब होती सप्लाई को देखते हुए प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी प्रेम वल्लभ सती ने आईओसी के अधिकारियों और जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया गया है कि अधिकारियों से जांच प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर ऊखीमठ एजेंसी से अस्थाई प्रतिबंध हटा दिया जाए, ताकि लोगों की दिक्कतों को दूर किया जा सके।
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गैस आपूर्ति को भाजपाइयों का प्रदर्शन
ऊखीमठ। क्षेत्र में रसोई गैस की अनियमित आपूर्ति से खफा भाजपाइयों ने ब्लाक/तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की।
बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे भाजपाई ब्लाक कार्यालय गेट में एकत्र हुए और ढोल-दमाऊं के साथ नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार से मनसूना रोड तक पहुंचे। यहां पर उन्होंने प्रदर्शन किया। बाद में तहसील परिसर में सभा का आयोजन किया। ब्लाक प्रमुख फते सिंह रावत ने कहा कि पूर्व में भाजपा के प्रतिनिधियों के प्रयासों से ऊखीमठ में गैस एजेंसी खुली थी, लेकिन चंद लोगों की मिलीभगत से एजेंसी अगस्त्यमुनि शिफ्ट हो गई। मंडल अध्यक्ष गजेंद्र चौधरी ने कहा कि अगर ऊखीमठ में गैस एजेंसी का दोबारा संचालन नहीं किया गया, तो केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया जाएगा। कनिष्ठ उप प्रमुख दर्शनी पंवार, नागेंद्र राणा, विपिन सेमवाल ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आम जनमानस परेशान है। प्रदर्शनकारियों में भगत कोटवाल, प्रेम सिंह राणा, अंजना रावत, अनुसूया प्रसाद भट्ट, राधेलाल, प्रधान जगदीश लाल सहित कई शामिल थे।
आधी सप्लाई, सिलेंडरों के लिए आपाधापी
कर्णप्रयाग। सोचा था सत्यापन कराएंगे तो रसोई गैस बुकिंग के बाद जल्द से जल्द मिलनी शुरू हो जाएगी, लेकिन यहां स्थिति उलट हो गई। दिसबंर माह से रसोई गैस कोटे में कटौती होती गई। हालात यह बने हैं कि रसोई गैस आपूर्ति बढ़ने के बजाए 62 फीसदी से करीब 45 फीसदी पर सिमट गई।
तहसील मुख्यालय पर गढ़वाल मंडल विकास निगम सप्लाई करता है। मगर डेढ़ माह से अधिक समय बीत गया, मुख्यालय पर रसोई गैस का वितरण नहीं हो पाया है। गैस एजेंसी संचालकों का प्लांट से गैस की सप्लाई कम होने का अपना तर्क है। संचालकों की मानें तो 7000 प्रति माह डिमांड है, जबकि फरवरी माह में 50 फीसदी रसोई गैस की आपूर्ति भी नहीं हो पाई है। कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर माह में 4320, जनवरी में 4194 और 27 फरवरी तक मात्र 3156 रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हुई है। दूसरी तरफ, एजेंसी के प्रबंधक वाईएस रावत का कहना है कि उनके पास गौचर से लेकर नारायणबगड़ और गैरसैंण तक का बड़ा क्षेत्र है, जिसके अनुरूप प्लांट से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। हालांकि व्यवस्था बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे है।
इनका कहना है-
अपर बाजार और तहसील परिसर में तकरीबन छह सौ उपभोक्ता है, लेकिन यहां 15 जनवरी के बाद सप्लाई नहीं आई है।-दिनेश चंद्र जोशी निवासी अपर बाजार।
सुभाष नगर वार्ड में अंत में रसोई गैस का वितरण किया जाता है। नगर के सबसे बड़े इस वार्ड में आठ सौ करीब उपभोक्ता हैं, लेकिन गत 23 जनवरी के बाद यहां रसोई गैस का वितरण नहीं हो पाया है।
प्रह्लाद सती, सुभाषनगर।
सप्लाई का सिस्टम बिगड़ा, भड़के लोग
लैंसडौन। छावनी नगर में बुधवार को गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था चरमरा गई। जिस प्वाइंट से सिलेंडरों की डिलीवरी होनी थी, वहां के बजाय दूसरी जगह सेे सिलेंडर बांट दिए गए। लाइन बनाकर घंटों से खडे़ लोगों को सिलेंडर नहीं मिले, तो उनका पारा चढ़ गया। वितरक से जमकर कहासुनी हो गई। शिकायत पर एसडीएम पीएल शाह ने प्रबंधक को होम डिलीवरी कराने के निर्देश दिए।
लैंसडौन में 26 दिनों बाद गैस सिलेंडरों का वितरण हुआ। इससे पहले 31 जनवरी को यहां गैस सिलेंडरों का वितरण हुआ था। सिलेंडर वितरक ने बिना किसी पूर्व सूचना के मंगलवार को शहर के कुछ प्वाइंटों पर सिलेंडरों का वितरण शुरू कर दिया। काफी समय तक तो अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं हो पायी। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद गैस सिलेंडरों का वितरण गोदाम से ही होने की सूचना पर लोगों का पारा चढ़ गया। गोदाम पहुंचे लोगों की वितरक से कहासुनी भी हुई। इसके बाद लोगों ने इस व्यवस्था को बदलने केे लिए एसडीएम को ज्ञापन दिया। एसडीएम पीएल शाह ने कहा कि लोगों को घर में ही सिलेंडरों की आपूर्ति कराई जाएगी, जबकि गैस वितरक का कहना है कि होम डिलीवरी का चार्ज मात्र पांच रुपया है। इससे घरों तक सिलेंडरों को पहुंचाना घाटे का सौदा है। लैंसडौन गैस एजेंसी के प्रबंधक केसी तिवारी का कहना है कि मांग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं।