{"_id":"5b1d5bbf4f1c1bae6e8b751b","slug":"91528650687-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिनी स्वीट्जरलैंड चोपता-दुगलबिट्टा में 32 अतिक्रमकारी चिन्हित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिनी स्वीट्जरलैंड चोपता-दुगलबिट्टा में 32 अतिक्रमकारी चिन्हित
Updated Sun, 10 Jun 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रप्रयाग। मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ उत्तराखंड के नाम से प्रसिद्ध चोपता-दुगलबिट्टा में अतिक्रमण करने वाले 32 लोग चिहिृृत किए गए है। पर्यटन के नाम पर कुछ लोगों द्वारा बुग्याल को नुकसान पहुंचाकर अवैध तरीके से टेंट लगाने के साथ कैंपिंग की जा रही है। चिहिृृत किए गए लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए है। अब केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग जल्द इन्हें हटाने की कार्रवाई करेगा।
ऊखीमठ से करीब 30 किमी की दूरी पर स्थित चोपता बुग्याल में पिछले लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण कर अस्थायी व स्थायी निर्माण किया जा रहा है। हट्स व टेंट तक पहुंचने के लिए बुग्याल के बीचों-बीच मिट्टी कटान कर पत्थर बिछाकर स्थायी रास्ते बनाए गए हैं। साथ ही कई जगहों पर सीमेंट आदि का भी प्रयोग किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर बुग्याल को रौंदकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए तीन दिन पूर्व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर/चमोली द्वारा यहां अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग अमित कंवर का कहना है कि चोपता में अवैध अतिक्रमण के मामले में 32 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही तहसील प्रशासन व पुलिस की मदद से इनकी बेदखली की जाएगी। साथ ही अब चोपता, बनियाकुंड और दुगलविट्टा में कैपिंग व टेंट की अनुमति भी बंद कर दी गई है।
विज्ञापन
ऊखीमठ से करीब 30 किमी की दूरी पर स्थित चोपता बुग्याल में पिछले लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण कर अस्थायी व स्थायी निर्माण किया जा रहा है। हट्स व टेंट तक पहुंचने के लिए बुग्याल के बीचों-बीच मिट्टी कटान कर पत्थर बिछाकर स्थायी रास्ते बनाए गए हैं। साथ ही कई जगहों पर सीमेंट आदि का भी प्रयोग किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर बुग्याल को रौंदकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए तीन दिन पूर्व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर/चमोली द्वारा यहां अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग अमित कंवर का कहना है कि चोपता में अवैध अतिक्रमण के मामले में 32 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही तहसील प्रशासन व पुलिस की मदद से इनकी बेदखली की जाएगी। साथ ही अब चोपता, बनियाकुंड और दुगलविट्टा में कैपिंग व टेंट की अनुमति भी बंद कर दी गई है।
विज्ञापन