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जेल बंदियों को दी उनके विधिक अधिकारों की जानकारी
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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के फरवरी माह के प्लान ऑफ एक्शन के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल पुरसाड़ी (चमोली) में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कारागार में बंद कैदियों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/सिविल जज (सीडि) आरती सरोहा ने कैदियों को उनके अधिकारों के बारे में बताया कि जमानतीय अपराधों में जमानत प्राप्त करने का अभियुक्त को अधिकार है जबकि गैर मानवीय अपराध में अभियुक्त को जमानत प्राप्त करने का अधिकार नहीं है। कहा कि कुछ मामलों में विचाराधीन अभियुक्त के लिए दंड प्रक्रिया संहिता में सौदा-अभिवाक एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है जिसमें अभियुक्त की स्वेच्छा पर अभियुक्त व पीड़ित पक्ष के मध्य बैठक कराई जाती है। जिससे दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर एक निष्कर्ष तक पहुंच सके। कारागार से बाहर जाकर वह एक साधारण व्यक्ति व सम्मानित नागरिक की तरह जीवन यापन कर सके। इस मौके पर जिला जेलर प्रमोद पांडेय सहित अन्य मौजूद थे।
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शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/सिविल जज (सीडि) आरती सरोहा ने कैदियों को उनके अधिकारों के बारे में बताया कि जमानतीय अपराधों में जमानत प्राप्त करने का अभियुक्त को अधिकार है जबकि गैर मानवीय अपराध में अभियुक्त को जमानत प्राप्त करने का अधिकार नहीं है। कहा कि कुछ मामलों में विचाराधीन अभियुक्त के लिए दंड प्रक्रिया संहिता में सौदा-अभिवाक एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है जिसमें अभियुक्त की स्वेच्छा पर अभियुक्त व पीड़ित पक्ष के मध्य बैठक कराई जाती है। जिससे दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर एक निष्कर्ष तक पहुंच सके। कारागार से बाहर जाकर वह एक साधारण व्यक्ति व सम्मानित नागरिक की तरह जीवन यापन कर सके। इस मौके पर जिला जेलर प्रमोद पांडेय सहित अन्य मौजूद थे।
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