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गर्भवती महिला व उसके गर्भ में बच्चे की मौत की होगी उच्च स्तरीय जांच-compat
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:48 PM IST
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रुद्रप्रयाग। बीते तीन जुलाई को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर की गई गर्भवती महिला आशा देवी की मौत के मामले में स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से उच्चस्तरीय जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो 18 अगस्त को रुद्रप्रयाग पहुंचेगी।
स्वास्थ्य विभाग के डीजी की ओर से निदेशक डा. अंजलि नौटियाल, सहायक निदेशक डा. सुमन आर्य, दून मेडिकल कॉलेज की एचओडी डा. चित्रा जोशी और रेडियोलॉजिस्ट/सीएमओ डा. एसके झा को टीम में शामिल किया गया है। डा. नौटियाल के नेतृत्व में टीम पूरे प्रकरण की जांच करेगी। सीएमओ डा. झा ने बताया कि उनके द्वारा प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच व मेडिकल बोर्ड की जांच की प्रति निदेशालय को भेजी गई थी। दोनों जांचों का अध्ययन करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
यह था मामला
बीते तीन जुलाई को कांडा-सिमतोली गांव की गर्भवती आशा देवी को स्त्री रोग विभाग की ओर से प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पूर्वाह्न 11 बजे तक प्रसव होने की बात कही गई थी, लेकिन रात 11 बजे तक भी प्रसव नहीं हुआ। रात 11.30 बजे गंभीर हालत में महिला को हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन महिला ने बेस अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया था। घटना को लेकर चार जुलाई को परिजनों ने जिला चिकित्सालय में हंगामा किया, तब डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर एसडीएम सदर देवानंद ने मजिस्ट्रेटी जांच की थी। जांच रिपोर्ट में उन्होंने महिला की मौत के लिए जिला चिकित्सालय प्रबंधन, सीनियर गाइनकोलॉजिस्ट, सहायक डाक्टर और पैरामेडिकल की लापरवाही बताई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि जिस 108 वाहन से महिला को बेस अस्पताल भेजा गया था, उसमें उपचार के जरूरी उपकरण भी नहीं थे, लेकिन एसीएमओ डा. ओपी आर्य व वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिग्विजय सिंह रावत की दो सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने जांच रिपोर्ट में डाक्टर को क्लिन चिट दे दी थी, जिसके बाद डीएम ने कमिश्नर को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए कहा था।
स्वास्थ्य विभाग के डीजी की ओर से निदेशक डा. अंजलि नौटियाल, सहायक निदेशक डा. सुमन आर्य, दून मेडिकल कॉलेज की एचओडी डा. चित्रा जोशी और रेडियोलॉजिस्ट/सीएमओ डा. एसके झा को टीम में शामिल किया गया है। डा. नौटियाल के नेतृत्व में टीम पूरे प्रकरण की जांच करेगी। सीएमओ डा. झा ने बताया कि उनके द्वारा प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच व मेडिकल बोर्ड की जांच की प्रति निदेशालय को भेजी गई थी। दोनों जांचों का अध्ययन करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
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यह था मामला
बीते तीन जुलाई को कांडा-सिमतोली गांव की गर्भवती आशा देवी को स्त्री रोग विभाग की ओर से प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पूर्वाह्न 11 बजे तक प्रसव होने की बात कही गई थी, लेकिन रात 11 बजे तक भी प्रसव नहीं हुआ। रात 11.30 बजे गंभीर हालत में महिला को हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन महिला ने बेस अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया था। घटना को लेकर चार जुलाई को परिजनों ने जिला चिकित्सालय में हंगामा किया, तब डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर एसडीएम सदर देवानंद ने मजिस्ट्रेटी जांच की थी। जांच रिपोर्ट में उन्होंने महिला की मौत के लिए जिला चिकित्सालय प्रबंधन, सीनियर गाइनकोलॉजिस्ट, सहायक डाक्टर और पैरामेडिकल की लापरवाही बताई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि जिस 108 वाहन से महिला को बेस अस्पताल भेजा गया था, उसमें उपचार के जरूरी उपकरण भी नहीं थे, लेकिन एसीएमओ डा. ओपी आर्य व वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिग्विजय सिंह रावत की दो सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने जांच रिपोर्ट में डाक्टर को क्लिन चिट दे दी थी, जिसके बाद डीएम ने कमिश्नर को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए कहा था।
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