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इस बार केदारनाथ यात्रा में गरूड़चट्टी में लौटेगी रौनक
Updated Wed, 25 Apr 2018 10:53 PM IST
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रुद्रप्रयाग। आपदा के करीब पौने पांच वर्ष बाद गरुड़चट्टी में फिर से रौनक होगी। केदारनाथ से गरुड़चट्टी के लिए मार्ग पर कार्य जोरों पर चल रहा है, जिसके मई तक पूरा होने की उम्मीद है।
केदारनाथ आपदा के बाद से रामबाड़ा के पूरी तरह से तबाह होने और पैदल मार्ग के दो तरफा व्यापक रूप से ध्वस्त होने से गरुड़चट्टी पहुंचना मुश्किल हो गया था। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (लोनिवि) की ओर से 3.5 किमी पैदल मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। बीते एक माह से हो रहे कार्य में अभी तक 2.5 किमी मार्ग बन चुका है। शेष एक किमी रास्ता व केदारनाथ को लिंक करने के लिए मंदाकिनी नदी पर पुल निर्माण शेष रह गया है, जिसके इस वर्ष मई तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं जंगलचट्टी-रामबाड़ा-गरुड़चट्टी-केदारनाथ वैकल्पिक पैदल मार्ग का प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, लेकिन आपदा से रामबाड़ा से केदारनाथ तक मंदाकिनी नदी के दोनों तरफ हुए कटान को देखते हुए इस क्षेत्र का पुन: भू-गर्भीय सर्वेक्षण प्रस्तावित है। अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार ने बताया कि केदारनाथ से गरुड़चट्टी पहुंच के लिए 3.5 किमी मार्ग निर्माण अंतिम चरण में है। मंदाकिनी नदी पर बेली ब्रिज का कार्य भी जल्द शुरू होगा। मई आखिरी सप्ताह या जून पहले सप्ताह से मार्ग पर आवाजाही शुरू हो जाएगी।
केदारनाथ आपदा के बाद से रामबाड़ा के पूरी तरह से तबाह होने और पैदल मार्ग के दो तरफा व्यापक रूप से ध्वस्त होने से गरुड़चट्टी पहुंचना मुश्किल हो गया था। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (लोनिवि) की ओर से 3.5 किमी पैदल मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। बीते एक माह से हो रहे कार्य में अभी तक 2.5 किमी मार्ग बन चुका है। शेष एक किमी रास्ता व केदारनाथ को लिंक करने के लिए मंदाकिनी नदी पर पुल निर्माण शेष रह गया है, जिसके इस वर्ष मई तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं जंगलचट्टी-रामबाड़ा-गरुड़चट्टी-केदारनाथ वैकल्पिक पैदल मार्ग का प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, लेकिन आपदा से रामबाड़ा से केदारनाथ तक मंदाकिनी नदी के दोनों तरफ हुए कटान को देखते हुए इस क्षेत्र का पुन: भू-गर्भीय सर्वेक्षण प्रस्तावित है। अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार ने बताया कि केदारनाथ से गरुड़चट्टी पहुंच के लिए 3.5 किमी मार्ग निर्माण अंतिम चरण में है। मंदाकिनी नदी पर बेली ब्रिज का कार्य भी जल्द शुरू होगा। मई आखिरी सप्ताह या जून पहले सप्ताह से मार्ग पर आवाजाही शुरू हो जाएगी।
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