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कालीकमली धर्मशाला का जर्जर भवन दे रहा हादसों को न्यौता
Updated Mon, 17 Sep 2018 10:28 PM IST
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गुप्तकाशी। काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित बाबा कालीकमली की जर्जर धर्मशाला कभी भी किसी अनहोनी का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने भवन का जल्द निस्तारण करने की मांग की है।
करीब साठ के दशक में मंदिर मार्ग पर बाबा कालीकमली धर्मशाला का निर्माण किया गया था। दो मंजिला भवन की छत पठाल की है, जो अब अधिकांश क्षतिग्रस्त हो चुकी है। दीवारों से भी पत्थर छिटक रहे हैं। ऐसे में रास्ते से गुजरने वाले श्रद्धालुओं व स्कूली बच्चों को खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान मदन अग्रवाल, प्रधान संघ अध्यक्ष वीरेंद्र असवाल, पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, रघुवीर सिंह नेगी आदि का कहना है, कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली है। कहना है कि कालीकमली के पदाधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है, लेकिन आज तक यहां कोई कर्मचारी नहीं भेजा गया है। जनप्रतिनिधियों व स्थानीय ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल जर्जर हो चुके भवन को ध्वस्त करने की मांग की है। इधर, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि धर्मशाला के ट्रस्टियों से संपर्क किया जा रहा है। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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करीब साठ के दशक में मंदिर मार्ग पर बाबा कालीकमली धर्मशाला का निर्माण किया गया था। दो मंजिला भवन की छत पठाल की है, जो अब अधिकांश क्षतिग्रस्त हो चुकी है। दीवारों से भी पत्थर छिटक रहे हैं। ऐसे में रास्ते से गुजरने वाले श्रद्धालुओं व स्कूली बच्चों को खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान मदन अग्रवाल, प्रधान संघ अध्यक्ष वीरेंद्र असवाल, पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, रघुवीर सिंह नेगी आदि का कहना है, कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली है। कहना है कि कालीकमली के पदाधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है, लेकिन आज तक यहां कोई कर्मचारी नहीं भेजा गया है। जनप्रतिनिधियों व स्थानीय ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल जर्जर हो चुके भवन को ध्वस्त करने की मांग की है। इधर, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि धर्मशाला के ट्रस्टियों से संपर्क किया जा रहा है। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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