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कुरझण के ग्रामीणों को नहीं चाहिए लाखों की लागत से बनी सिंचाई नहर
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:03 PM IST
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रुद्रप्रयाग। कुरझण गांव पहुंचे डीएम ने जिला योजना के तहत 2016-17 में 9 लाख रुपये की लागत से बनी सिंचाई नहर का समुचित कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही टैंक के चारों तरफ क्रासिंग बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
मंगलवार को कुरझण पहुंचे जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से नहर निर्माण के बारे में पूछा, तो वे बोले कि उन्हें सिंचाई नहर की कोई जरूरत नहीं हैं। इस पर, डीएम ने कारण पूछा, तो कोई भी ग्रामीण संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने उन्हें समझाया कि नहर से अपने खेत-खलियानों को आबाद करें। फल व सब्जी उत्पादन कर अपनी आर्थिकी को बढ़ाए। उन्होंने सिंचाई विभाग के ईई प्रताप सिंह बिष्ट को निर्देश दिए कि सिंचाई नहर का बेहतर से बेहतर उपयोग हो, इसके लिए वह गांव हित में कृषि व उद्यान विभाग से पत्राचार करें। इस मौके पर जीएस मलेठा, ओपी बिष्ट सहित कुरझण के ग्रामीण मौजूद थे।
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मंगलवार को कुरझण पहुंचे जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से नहर निर्माण के बारे में पूछा, तो वे बोले कि उन्हें सिंचाई नहर की कोई जरूरत नहीं हैं। इस पर, डीएम ने कारण पूछा, तो कोई भी ग्रामीण संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने उन्हें समझाया कि नहर से अपने खेत-खलियानों को आबाद करें। फल व सब्जी उत्पादन कर अपनी आर्थिकी को बढ़ाए। उन्होंने सिंचाई विभाग के ईई प्रताप सिंह बिष्ट को निर्देश दिए कि सिंचाई नहर का बेहतर से बेहतर उपयोग हो, इसके लिए वह गांव हित में कृषि व उद्यान विभाग से पत्राचार करें। इस मौके पर जीएस मलेठा, ओपी बिष्ट सहित कुरझण के ग्रामीण मौजूद थे।
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