{"_id":"5c6ad6b1bdec2217f558892f","slug":"21550505649-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनाग्नि की रोकथाम को जनता के साथ बेहतर तालमेल पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनाग्नि की रोकथाम को जनता के साथ बेहतर तालमेल पर जोर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। जिला प्रशासन व वन विभाग ने फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं को कम करने के लिए जनता के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दिया। साथ ही वनों में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही।
प्रशासन व वन विभाग की संयुक्त बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि जिले में 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित हैं। बीते वर्षों से फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ी हैं, जो चिंताजनक है। वनों के संरक्षण के लिए हमें आम जनता के साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने जनता से वनाग्नि की रोकथाम के लिए वनों के समीप खेतों में कूड़ा जलाते समय सावधानी बरतने की अपील की। डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि आरक्षित वन एवं संरक्षित क्षेत्र में आग लगाने पर दंड का प्राविधान है। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से वनाग्नि सुरक्षा संगोष्ठी में आमजन को वनों की सुरक्षा के लिए जागरूक करने को कहा।
प्रशासन व वन विभाग की संयुक्त बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि जिले में 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित हैं। बीते वर्षों से फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ी हैं, जो चिंताजनक है। वनों के संरक्षण के लिए हमें आम जनता के साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने जनता से वनाग्नि की रोकथाम के लिए वनों के समीप खेतों में कूड़ा जलाते समय सावधानी बरतने की अपील की। डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि आरक्षित वन एवं संरक्षित क्षेत्र में आग लगाने पर दंड का प्राविधान है। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से वनाग्नि सुरक्षा संगोष्ठी में आमजन को वनों की सुरक्षा के लिए जागरूक करने को कहा।
विज्ञापन