फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   उतराखंड में जापान की तकनीक से रुकेगा भूस्खलन व भू-धंसाव

उतराखंड में जापान की तकनीक से रुकेगा भूस्खलन व भू-धंसाव

Wed, 25 Apr 2018 10:53 PM IST
Updated Wed, 25 Apr 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
उतराखंड में जापान की तकनीक से रुकेगा भूस्खलन व भू-धंसाव

विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड वन विभाग, जापान सरकार की मदद से वन क्षेत्रों में भूस्खलन व भू-धंसाव क्षेत्र के स्थायी मरम्मत करेगा। पहले चरण में तीन मॉडल साइड का चयन किया गया है, जिनका विशेषज्ञ निरीक्षण कर रहे हैं। इन स्थानों पर अगले पांच वर्ष में सुधार कार्य किए जाने हैं, जिस पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत छह सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।

जून 2013 की आपदा में राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के वन क्षेत्रों में व्यापक भूस्खलन व भू-धंसाव जोन पैदा हो गए थे। ऐसे में वन विभाग ने इन प्रभावित स्थानों का स्थायी ट्रीटमेंट के लिए मेटीगेशन ऑफ नेचुरल डिजास्टर इन उत्तराखंड स्टेट योजना के अंतर्गत जापान सरकार से स्थायी समाधान के लिए सहयोग मांगा है। बुधवार को 6 सदस्यीय विशेषज्ञ दल, जिसमें जापानी इंजीनियर योको व एओकी सहित जय कुमार शर्मा, जेआर मेहरा, पीएस नेगी और विनोद झिक्वांण ने रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के एसडीओ महिपाल सिंह सिरोही के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। दल द्वारा प्रभागीय कार्यालय के ऊपरी तरफ पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के साथ ही शिवानंदी जोन का भी जायजा लिया गया। नोडल अधिकारी सिरोही ने बताया कि नीरगाड़ में जापानी तकनीक से लघु डैम बनाकर गदेरे के तेज बहाव को रोका जाएगा, जिससे मिट्टी व वनस्पति को नुकसान न हो। जवाड़ी बाईपास व पाडुली में भूूस्खलन प्रभावित पहाड़ी का आधुनिक तकनीक से मरम्मत की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed