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वकीलों ने एसडीएम सदर के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:10 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिला बार संघ ने एसडीएम सदर, मुक्ता मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने उन पर विभिन्न अदालतों में पैरवी के दौरान वकीलों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। बार संघ ने 31 जुलाई तक एसडीएम सदर का स्थानांतरण न होने पर कोर्ट कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस संबंध में डीएम मंगेश घिल्डियाल को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
बार संघ के अध्यक्ष कर्णपाल सिंह रौथाण के नेतृत्व में बार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डीएम से मुलाकात कर एसडीएम सदर के व्यवहार से अवगत कराया। कहा कि बीते 24 जुलाई को जिला बार एसोसिएशन के 6 अधिवक्तागण अपने-अपने मामलों की पैरवी के लिए न्यायालय उप जिला मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग मुक्ता मिश्रा के न्यायालय में प्रात: 10 बजे पहुंचे, लेकिन पीठासीन अधिकारी की ओर से मात्र 5 फाइलों का निस्तारण किया गया। इसके बाद उनसे न्यायालय का समय निर्धारित करने को कहा गया तो, उनकी ओर से स्पष्ट कहा गया कि ‘मेरी मर्जी है कि मैं न्यायालय को रात को चलाऊं या दिन में’। कहा कि अधिवक्ताओं को पैरवी करने आना है या नहीं, ये आपकी मर्जी है। बार संघ ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में उप जिलाधिकारी मजिस्ट्रेट पर अन्य कई आरोप लगाए हैं। बार संघ ने 31 जुलाई तक संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण न होने पर 1 अगस्त से कोर्ट कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। प्रतिनिधिमंडल में प्यार सिंह नेगी, हरीश चंद्र किमोठी, महावीर सिंह बुटोला, प्रदीप सिंह जगवाण आदि थे। इस संबंध में विधायक रुद्रप्रयाग व केदारनाथ सहित गढ़वाल आयुक्त और प्रमुख सचिव राजस्व को भी ज्ञापन की प्रति भेजी गई हैं। इधर, डीएम घिल्डियाल ने बताया कि इस मामले में त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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बार संघ के अध्यक्ष कर्णपाल सिंह रौथाण के नेतृत्व में बार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डीएम से मुलाकात कर एसडीएम सदर के व्यवहार से अवगत कराया। कहा कि बीते 24 जुलाई को जिला बार एसोसिएशन के 6 अधिवक्तागण अपने-अपने मामलों की पैरवी के लिए न्यायालय उप जिला मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग मुक्ता मिश्रा के न्यायालय में प्रात: 10 बजे पहुंचे, लेकिन पीठासीन अधिकारी की ओर से मात्र 5 फाइलों का निस्तारण किया गया। इसके बाद उनसे न्यायालय का समय निर्धारित करने को कहा गया तो, उनकी ओर से स्पष्ट कहा गया कि ‘मेरी मर्जी है कि मैं न्यायालय को रात को चलाऊं या दिन में’। कहा कि अधिवक्ताओं को पैरवी करने आना है या नहीं, ये आपकी मर्जी है। बार संघ ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में उप जिलाधिकारी मजिस्ट्रेट पर अन्य कई आरोप लगाए हैं। बार संघ ने 31 जुलाई तक संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण न होने पर 1 अगस्त से कोर्ट कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। प्रतिनिधिमंडल में प्यार सिंह नेगी, हरीश चंद्र किमोठी, महावीर सिंह बुटोला, प्रदीप सिंह जगवाण आदि थे। इस संबंध में विधायक रुद्रप्रयाग व केदारनाथ सहित गढ़वाल आयुक्त और प्रमुख सचिव राजस्व को भी ज्ञापन की प्रति भेजी गई हैं। इधर, डीएम घिल्डियाल ने बताया कि इस मामले में त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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