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मोरो डाली के साथ 17 दिवसीय पांडव लीला संपन्न
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:25 PM IST
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रुद्रप्रयाग। दो वर्ष बाद फिर मिलने के वचन के साथ पांडवों ने महादेव मोहल्ला से विदाई ली। अंतिम दिन मोरू की डाली लीला का मंचन किया गया। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के पश्वा ने भक्तों को प्रसाद वितरण के साथ प्रसाद भेंट किया।
नगर पालिका के वार्ड-6 के पांडव चौक में आयोजित 17 दिवसीय पांडव लीला के अंतिम दिन मोरू डाली का मंचन किया गया। आयोजन के समापन पर पांडवों के साथ श्रद्धालुओं की ओर से पुनाड़ के समीप से विशालकाय चीड़ का पेड़ लाकर पंडाल में स्थापित किया गया। इसके बाद वृक्ष की पूजा कर उस पर फल स्थापित किए गए। एक बार फिर से पांडवों व उनके अस्त्र शस्त्रों की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पांडवों को विभिन्न पकवानों का भोग (छाबडी) लगाया। इसके बाद श्रीकृष्ण ने मोरू के पेड़ में जाकर भक्तों को प्रसाद के रूप में फल वितरित किए। दोपहर बाद पांडव चौक में पांडवों ने महाभारत की विभिन्न विधाओं का गीत व नृत्य के साथ मंचन किया। इससे पहले बीती रात को हाथी कौथिग का मंचन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र डियूंडी, दौलत सिंह, चक्रधर प्रसाद, विजय कप्रवाण, रामचंद्र नौटियाल, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल, कुंवर सिंह, कालिका प्रसाद, दिनेश, योगंबर, नरेंद्र प्रसाद, धरम सिंह, विनोद प्रसाद, प्रकाश, हरीश, सुरेंद्र बिष्ट, शैलेंद्र गोस्वामी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
नगर पालिका के वार्ड-6 के पांडव चौक में आयोजित 17 दिवसीय पांडव लीला के अंतिम दिन मोरू डाली का मंचन किया गया। आयोजन के समापन पर पांडवों के साथ श्रद्धालुओं की ओर से पुनाड़ के समीप से विशालकाय चीड़ का पेड़ लाकर पंडाल में स्थापित किया गया। इसके बाद वृक्ष की पूजा कर उस पर फल स्थापित किए गए। एक बार फिर से पांडवों व उनके अस्त्र शस्त्रों की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पांडवों को विभिन्न पकवानों का भोग (छाबडी) लगाया। इसके बाद श्रीकृष्ण ने मोरू के पेड़ में जाकर भक्तों को प्रसाद के रूप में फल वितरित किए। दोपहर बाद पांडव चौक में पांडवों ने महाभारत की विभिन्न विधाओं का गीत व नृत्य के साथ मंचन किया। इससे पहले बीती रात को हाथी कौथिग का मंचन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र डियूंडी, दौलत सिंह, चक्रधर प्रसाद, विजय कप्रवाण, रामचंद्र नौटियाल, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल, कुंवर सिंह, कालिका प्रसाद, दिनेश, योगंबर, नरेंद्र प्रसाद, धरम सिंह, विनोद प्रसाद, प्रकाश, हरीश, सुरेंद्र बिष्ट, शैलेंद्र गोस्वामी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
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