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चारधाम परियोजना प्रभावित संघर्ष समिति का रुद्रप्रयाग जिला बंद रहा सफल

Fri, 07 Dec 2018 10:08 PM IST
Updated Fri, 07 Dec 2018 10:08 PM IST
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चारधाम परियोजना प्रभावित संघर्ष समिति का रुद्रप्रयाग जिला बंद रहा सफल
रुद्रप्रयाग। चारधाम परियोजना से प्रभावित हो रहे भवन स्वामी और व्यापारियों के समर्थन में शुक्रवार को आहूत जिला बंद का व्यापक असर रहा। जिले के बाजारों के सुबह से ही बंद होने से गांवों से खरीदारी को पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। लोगों को चाय भी नसीब नहीं हुई। समिति ने एक हफ्ते में मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर कलक्ट्रेट में धरना शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रभावितों ने अपनी मांग के संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
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संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर क्षेत्र में विरोध रैली निकाली। रैली के बाद हुई सभा में समिति के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा कि वे चारधाम परियोजना निर्माण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से लोगों को बेघर और बेरोजगार किया जा रहा है, वह अनुचित है। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों व भवन स्वामियों को मुआवजा देने और उनके पुनर्वास पर जोर दिया। व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष देशराज डुडेजा ने कहा कि प्रभावित व्यवसायियों और भवन स्वामियों को उनकी संपत्ति का मूल्यांकन कर उसका चार गुना मुआवजा दिया जाए। नगर व्यापार अध्यक्ष कांता नौटियाल ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों के हितों की अनदेखी की तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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खांकरा निवासी बुद्धिबल्लभ ममगाईं और प्रदीप मलासी ने सिरोहबगड़ बाईपास पर तीसरा पुल निरस्त करने की मांग की। नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिक्वांण ने कहा कि प्रभावितों के हितों की लड़ाई में वह सदैव साथ है। तिलवाड़ा के प्रभावित व्यापारियों ने नया बाजार विकसित करने की मांग की, जिससे सभी को पूर्व की भांति रोजगार मिल सके। इस दौरान डॉ. अमित रतूड़ी, जोत सिंह नेगी, अशोक चौधरी, माधो सिंह नेगी, डीएस झिक्वांण, केपी ढौंडियाल, विपिन वर्मा, तरुण पंवार, विक्रांत खन्ना, अजय पुंडीर, सभासद संतोष रावत, लक्ष्मण बिष्ट आदि मौजूद थे। तिलवाड़ा, खांकरा, नरकोटा, अगस्त्यमुनि, सुमाड़ी, मयाली, भीरी, चंद्रापुरी, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, फाटा, सोनप्रयाग, सतेराखाल, चोपता, घिमतोली में भी बाजार पूरी तरह बंद रहे।
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