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भकुंड भैरव ने अवतरित होकर लगाया दरवाजे का कुंडा
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:30 PM IST
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रुद्रप्रयाग। बीके टीसी दावा है कि केदारनाथ धाम में मंदिर का मुख्य कपाट बंद करने में जब परेशानी हुई तो आराध्य भकुंड भैरव ने पश्वा पर अवतरित होकर इसे दूर किया।
बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर चांदी लगाई गई है। इससे दरवाजे के कुंडे नहीं लग पा रहे थे। कई प्रयास किए, लेकिन दरवाजे के कुंडे नहीं लगे। उन्होंने दावा किया कि जब कुंडी नहीं लगी तो उन्होंने और वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने भगवान केदार के क्षेत्रपाल भकुंड भैरव का आह्वान किया। कुछ ही पल में भकुंड भैरव अपने पश्वा अरविंद शुक्ला पर अवतरित हुए। पश्वा की ओर से कुंड को स्पर्श करते ही दरवाजा दूसरे कुंडे से जुड़ गया। इसके बाद पदाधिकारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में ताला लगाया गया। बीकेटीसी के सीईओ ने बताया कि शीतकाल में केदारनाथ धाम की सुरक्षा भगवान भैरवनाथ के भरोसे होती है।
बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर चांदी लगाई गई है। इससे दरवाजे के कुंडे नहीं लग पा रहे थे। कई प्रयास किए, लेकिन दरवाजे के कुंडे नहीं लगे। उन्होंने दावा किया कि जब कुंडी नहीं लगी तो उन्होंने और वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने भगवान केदार के क्षेत्रपाल भकुंड भैरव का आह्वान किया। कुछ ही पल में भकुंड भैरव अपने पश्वा अरविंद शुक्ला पर अवतरित हुए। पश्वा की ओर से कुंड को स्पर्श करते ही दरवाजा दूसरे कुंडे से जुड़ गया। इसके बाद पदाधिकारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में ताला लगाया गया। बीकेटीसी के सीईओ ने बताया कि शीतकाल में केदारनाथ धाम की सुरक्षा भगवान भैरवनाथ के भरोसे होती है।
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