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केदारनाथ आपदा का मलबा संवरेगा पीएम मोदी की केदारपुरी
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:34 PM IST
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रुद्रप्रयाग। भव्य व दिव्य केदारपुरी को संवारने और सजाने में केदारनाथ आपदा का मलबा व बोल्डर ही बड़ी भूमिका निभाएंगे। इन बोल्डरों से जहां दीवार निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए कटवा पत्थर तैयार किए जाएंगे। वहीं मलबे से रेत और बजरी तैयार होगी। धाम में टनों मलबा और लाखों विशालकार्य बोल्डर मौजूद हैं।
केदारनाथ आपदा में केदारपुरी में तबाही मचाने वाले बोल्डर और मलबा से ही इस धाम को भव्य और दिव्य बनाया जाएगा। धाम में अगले एक वर्ष में सात सौ करोड़ रुपये के पुनर्निर्माण के कार्य होने हैं। इन कार्यों के लिए लाखों कटवा पत्थर और सैकड़ों ट्रक रेत और बजरी की जरूरत पड़ेगी, जिसे धाम में मौजूद आपदा में आए विशालकाय बोल्डर व मलबा से तैयार किया जाएगा। एएसआई ने राजस्थान के कारीगरों की मदद से मंदाकिनी नदी किनारे पड़े बोल्डरों से 150 से अधिक पत्थर कटवाए। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि आपदा से केदारनाथ में लाखों टनों मलबा व बोल्डर पसरे पड़े हैं, जिनका उपयोग पुनर्निर्माण कार्यों में किया जाना है। इस कार्य से निर्माणदायी संस्थाओं को निर्माण सामग्री जुटाने में जहां आसानी होगी। वहीं, मलबे की सफाई भी होती रहेगी।
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केदारनाथ आपदा में केदारपुरी में तबाही मचाने वाले बोल्डर और मलबा से ही इस धाम को भव्य और दिव्य बनाया जाएगा। धाम में अगले एक वर्ष में सात सौ करोड़ रुपये के पुनर्निर्माण के कार्य होने हैं। इन कार्यों के लिए लाखों कटवा पत्थर और सैकड़ों ट्रक रेत और बजरी की जरूरत पड़ेगी, जिसे धाम में मौजूद आपदा में आए विशालकाय बोल्डर व मलबा से तैयार किया जाएगा। एएसआई ने राजस्थान के कारीगरों की मदद से मंदाकिनी नदी किनारे पड़े बोल्डरों से 150 से अधिक पत्थर कटवाए। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि आपदा से केदारनाथ में लाखों टनों मलबा व बोल्डर पसरे पड़े हैं, जिनका उपयोग पुनर्निर्माण कार्यों में किया जाना है। इस कार्य से निर्माणदायी संस्थाओं को निर्माण सामग्री जुटाने में जहां आसानी होगी। वहीं, मलबे की सफाई भी होती रहेगी।
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